धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ तो आगे की रणनीति बनाएंगे, अधिकारियों को हटाने कुछ नहीं होगाः आशुतोष रांका
सरकार द्वारा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के 47 अधिकारियों को हटाए जाने पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मीडिया से बातचीत की।

नई दिल्ली, 25 जुलाई । सरकार द्वारा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के 47 अधिकारियों को हटाए जाने पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मीडिया से बातचीत की।
उन्होंने कहा, "अब हमें यह देखना होगा कि किन 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है और किस मकसद से यह कार्रवाई की गई है। हमें उन सभी जानकारियों को देखना होगा। लेकिन जैसा कि हम कहते आ रहे हैं, असल जवाबदेही इस देश के शिक्षा मंत्री की है, क्योंकि पेपर लीक और नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले सभी छात्रों के लिए वही सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। इसलिए, उन्हें इस्तीफा देना ही चाहिए।"
आशुतोष रांका ने कहा, "सरकार पूरी तरह से अड़ी हुई है। जब पूरे देश को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए, और आप कह रहे हैं कि वह इस्तीफा नहीं देंगे, तो यह तो सबसे आसान काम है। अगर यह इतना आसान कदम है, तो पहले यही कर लीजिए और मुश्किल मुद्दों से बाद में निपटिए। अगर सरकार अपना ऐसा ही रवैया रखेगी तो हमे कठोर निर्णय लेने पड़ेंगे।"
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता ने कहा, "अब तक, कोई खास हलचल नहीं हुई है। कल की बैठक में, हमें मुआवजा और कानूनी मामलों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। हमें सैद्धांतिक सहमति मिली, और उम्मीद है कि आज लिखित समझौता भी मिल जाएगा। हालांकि, हमारी मुख्य मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है। असल में, जैसा कि हमने कल मुख्यधारा की मीडिया में देखा, सूत्रों का कहना था कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देने वाले हैं, तो कृपया हमें बताएं, ऐसी बैठकें करने का क्या मतलब है? ऐसे में, हम अपनी अगली रणनीति के अनुसार आगे बढ़ेंगे।"
बता दें कि शुक्रवार को दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में कॉकरोच पब्लिक पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात की थी। बैठक के बाद जेपी नड्डा ने कहा था, "हम आंदोलनकारी लोगों के विषयों पर चर्चा करने के लिए यहां आए थे। बैठक लगभग 2 घंटे तक चली। सरकार की ओर से मैं और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह आए। हमने उनकी बातें सुनीं। हर विषय पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत हुई। उनकी 3 मुख्य मांगें और परीक्षाओं के लिए 5 सुधार के सुझाव थे। हमने उनसे कहा है कि हम शनिवार दोपहर फिर मिलेंगे और उन्हें सरकार के बीच हुई चर्चा के बारे में बताएंगे।"
Source: IANS

