महाराष्ट्र सरकार ने 89,731 करोड़ के 5 मेगा प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी, 20 हजार को रोजगार मिलने का अनुमान

मुंबई, 26 मई । महाराष्ट्र में औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में उद्योग विभाग की कैबिनेट उपसमिति की बैठक में करीब 89,731 करोड़ रुपए के पांच मेगा और अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स को विशेष प्रोत्साहन देने का फैसला किया गया।

सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से राज्य में लगभग 20 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

मुंबई में आयोजित इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इन निवेशों से विदर्भ, मराठवाड़ा और नासिक समेत कई क्षेत्रों में आधुनिक औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित होगा। उन्होंने बताया कि राज्य की औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों को सामूहिक प्रोत्साहन योजना के जरिए विभिन्न रियायतें और सुविधाएं दी जाती हैं। इसी उद्देश्य से बड़े निवेश आकर्षित करने और रोजगार बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट उपसमिति का गठन किया गया है।

बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, उद्योग मंत्री उदय सामंत, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पी. अंबलगन, एमआईडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. वेलारासु और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कैबिनेट उपसमिति ने जिन पांच परियोजनाओं को मंजूरी दी है। वे हाई-टेक और भविष्य की तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में हैं। इनमें कोल गैसीफिकेशन और उससे जुड़े उत्पाद, सोलर सेल मॉड्यूल, इंगोट और वेफर पैनल, इलेक्ट्रिक स्टील, पीईटी टायर कॉर्ड और सिंथेटिक ग्रेफाइट एनोड मैटेरियल जैसे सेक्टर शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से महाराष्ट्र में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का तेजी से विस्तार होगा।

सरकार के मुताबिक इन मेगा प्रोजेक्ट्स से केवल निवेश और रोजगार ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, सहायक उद्योगों और सप्लाई चेन को भी मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए भी नए अवसर तैयार होंगे।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इन परियोजनाओं के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे उन्हें आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार पाने में मदद मिलेगी।

Source: IANS

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