परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए पीएम मोदी की बड़ी घोषणा, नंदन नीलेकणि की अगुवाई में हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन

नई दिल्ली, 26 जुलाई । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जारी अपने एक वीडियो संदेश में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात को एक बार फिर दोहराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार किसी भी हाल में विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शने के मूड में नहीं है और ऐसे तत्वों के खिलाफ निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार ने यह पक्का किया है कि परीक्षाओं के आयोजन में किसी भी प्रकार की धांधली या भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी साझा किया कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले कई दोषी इस समय जेल में हैं और इस प्रकार के मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की गई है।

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने संसद में इस संबंध में कानून बनाने का भी निर्णय लिया है, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जा सके।

उन्होंने बताया कि परीक्षा सुधारों को लागू करने और आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए विश्व प्रसिद्ध प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स गठित की जाएगी।

प्रधानमंत्री के अनुसार, यह टास्क फोर्स परीक्षा सुधारों पर व्यापक सुझाव देगी और आने वाली परीक्षाओं के लिए स्पष्ट एवं प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर सरकार आवश्यक सुधारों को लागू करेगी, जिससे परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और भरोसेमंद बन सके।

अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य देश के प्रत्येक छात्र के भविष्य की रक्षा करना है और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह निष्पक्ष एवं आधुनिक बनाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Source: IANS

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