28 को मनाई जाएगी बकरीद, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने जारी की 12 सूत्रीय सलाह

लखनऊ, 27 मई । इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली और अयोध्या बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने बकरीद को शांति और सौहार्दपूर्वक मनाने की अपील की है।

इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा आईएएनएस से बातचीत में कहा, "28 मई को बकरीद (ईद-उल-जुहा) पूरे देश में बड़े उत्साह और धार्मिक परंपराओं के साथ मनाई जाएगी। कुर्बानी 28, 29 और 30 तारीख को होगी जबकि ईद की नमाज 28 मई को अदा की जाएगी। इस संबंध में इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया, लखनऊ ने ईद-उल-जुहा के लिए 12 सूत्रीय सलाह जारी की है और लोगों से अपने-अपने राज्यों के नियमों और विनियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।"

मौलाना ने कहा, "लोगों से अपील की है कि नमाज ईदगाहों में ही अदा की जाए। ईदगाह समय से पहले पहुंचे, जिससे आगे जगह मिल सके। इसके अलावा कुर्बानी उन्हीं जानवरों को देने की सलाह दी गई है, जिन्हें कानून मान्यता दे। कुर्बानी करते समय सफाई का पूरा ध्यान रखें। जानवरों के अवशेषों को नगर निगम द्वारा की गई व्यवस्था के तहत नष्ट किया जाए, इधर-उधर न फेंका जाए। कुर्बानी करते समय फोटो और वीडियो न बनाएं और न ही ऐसे तथ्य सोशल मीडिया पर अपलोड किए जाएं। नमाज के बाद देश की तरक्की के साथ लू से बचाने की दुआएं की जाएं।"

इकबाल अंसारी ने सांप्रदायिक सद्भाव और शांतिपूर्ण बकरीद समारोह की अपील करते हुए कहा कि यह त्योहार त्याग, भाईचारे और सभी धर्मों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

इकबाल अंसारी ने कहा, "हम अपना त्योहार सभी के साथ मनाते हैं। त्योहार का मतलब भाईचारा और सभी के घर में खुशियां होना चाहिए। जब हमारा पड़ोसी खुश तो हम भी खुश, गांव के लोग खुश तो हम भी खुश रहेंगे। बकरीद पर कुर्बानी का मतलब है कि हम एक नेक इंसान हैं और एक दूसरे का सम्मान करते हैं और सभी धर्मों का इज्जत करते हैं। हम अच्छा कार्य करेंगे तभी कुर्बानी कबूल होगी। हिंदू-मुसलमानों के बीच कोई दरार न हो और देश में भाईचारा हो, यही त्योहार का असली मतलब है।"

Source: IANS

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