देश के सात हवाई अड्डों पर शहीद सैनिकों के परिवारों को मिलेगा रोजगार
भारतीय सेना और एयर इंडिया लिमिटेड के बीच सैनिक परिवारों के कल्याण को लेकर यह समझौता हुआ है।

नई दिल्ली, 28 मई | देश के सात प्रमुख हवाई अड्डों पर शहीद सैनिकों के परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। भारतीय सेना और एयर इंडिया लिमिटेड के बीच सैनिक परिवारों के कल्याण को लेकर यह समझौता हुआ है।
यह समझौता सैनिक परिवारों के कल्याण को मजबूती और रोजगार देने के उद्देश्य से किया गया है। यह समझौता भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की उपस्थिति में संपन्न हुआ। गुरुवार को सेना ने इस समझौता ज्ञापन (एमओसी) पर हस्ताक्षर किए जाने की जानकारी साझा की। इस समझौते के अंतर्गत सेना के 25 स्कूलों में प्रोफेशनल ट्रेनिंग के लिए लैबोरेटरी भी स्थापित की जाएंगी। ये विशेष प्रकार की प्रयोगशालाएं होंगी जहां छात्रों को रोजगार से जुड़े प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे।
सेना का कहना है कि यह साझेदारी रोजगार, सशक्तिकरण और पर्यावरण के तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इस समझौते का मूल उद्देश्य वीर नारियों तथा उनके परिवारों को दीर्घकालिक सहायता प्रदान करना और सैन्य समुदाय के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। समझौते के तहत एयर इंडिया द्वारा वीर नारियों के लिए 20 तथा उनके बच्चों के लिए 40 रोजगार अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। ये नियुक्तियां देश के सात प्रमुख हवाई अड्डों पर की जाएंगी।
इस पहल का उद्देश्य शहीद सैनिकों के परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके अतिरिक्त, सेना द्वारा संचालित 25 आशा स्कूलों में आधुनिक व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे भविष्य में बेहतर करियर अवसर प्राप्त कर सकें।
पर्यावरण संरक्षण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए सेना के अस्पतालों में बैटरी से चलने वाली ई-कार्ट भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इनका उपयोग विशेष रूप से बुजुर्ग, घायल तथा गंभीर रूप से बीमार मरीजों की अस्पताल परिसर में आवाजाही को आसान बनाने के लिए किया जाएगा। इससे मरीजों की सुविधा बढ़ेगी और अस्पतालों में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।
भारतीय सेना और एयर इंडिया की यह संयुक्त पहल न केवल सैनिक परिवारों के कल्याण को नई दिशा देगी, बल्कि कौशल विकास, रोजगार सृजन और हरित परिवहन जैसे क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेगी।
Source: IANS
