मुंबई में जया किशोरी के डिवाइन कॉन्सर्ट को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, कहा- युवाओं को भक्ति से जोड़ने का प्रयास

मुंबई, 29 जून । प्रसिद्ध कथावाचक और आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी ने 28 जून को मुंबई से अपने पहले डिवाइन कॉन्सर्ट की शुरुआत की। इस कॉन्सर्ट बॉलीवुड गीतों की जगह केवल भजनों की प्रस्तुति हुई, लेकिन माहौल किसी बड़े म्यूजिकल कॉन्सर्ट से कम नहीं था। आधुनिक साउंड, भव्य मंच, आकर्षक लाइटिंग और संगीत के साथ प्रस्तुत भजनों पर बड़ी संख्या में मौजूद युवा श्रद्धालु झूमते नजर आए।

कॉन्सर्ट के बाद आईएएनएस से बातचीत में जया किशोरी ने कहा कि यह उनके लिए एक नई शुरुआत है और इसकी शुरुआत मुंबई से करना बेहद खास रहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि ईश्वर की कृपा रही तो भविष्य में इस डिवाइन कॉन्सर्ट को देश के हर शहर और विदेशों तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कथाओं में भी भजन होते हैं, लेकिन उनके मन में लंबे समय से यह विचार था कि केवल भजनों को ही बड़े स्तर पर कॉन्सर्ट का रूप क्यों न दिया जाए। उनका मानना है कि भक्ति संगीत भी उसी भव्यता, तकनीक और संगीत स्तर पर प्रस्तुत किया जा सकता है, जैसा आज बड़े म्यूजिक कॉन्सर्ट्स में देखने को मिलता है।

जया किशोरी ने कहा कि आज के समय में युवाओं तक पहुंचने के लिए उनकी पसंद और रुचि को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आजकल हर दूसरे दिन किसी न किसी गायक या कलाकार के कॉन्सर्ट की चर्चा होती है और युवा बड़ी संख्या में उनमें शामिल होते हैं। ऐसे में उन्होंने सोचा कि यदि भजनों को भी उसी कॉन्सर्ट वाइब, आधुनिक म्यूजिक और शानदार प्रोडक्शन के साथ प्रस्तुत किया जाए तो युवा सहज रूप से भक्ति की ओर आकर्षित होंगे।

उन्होंने मुंबई में मिले जबरदस्त समर्थन पर खुशी जताते हुए कहा कि उनकी यह कोशिश उम्मीद से कहीं अधिक सफल रही। बड़ी संख्या में भक्तों ने कार्यक्रम में भाग लिया, भजन गाए, नृत्य किया और पूरे उत्साह के साथ इस आध्यात्मिक आयोजन का हिस्सा बने। जया किशोरी ने कहा कि इससे उन्हें विश्वास मिला है कि उनकी सोच सही दिशा में है और पहला कदम सफल साबित हुआ है।

अपने पहले डिवाइन कॉन्सर्ट को लेकर उन्होंने यह भी कहा कि लोगों का जुड़ाव उन्हें तभी समझ में आ गया था, जब कार्यक्रम पूरी तरह सोल्ड आउट हो गया। उनके अनुसार, जब कोई व्यक्ति केवल भावनात्मक ही नहीं बल्कि समय, मेहनत और आर्थिक रूप से भी किसी आयोजन में निवेश करता है, तो यह इस बात का प्रमाण होता है कि वह उस विचार और उद्देश्य से जुड़ चुका है। उन्होंने कहा कि कथा में आने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं होता, लेकिन इतने बड़े स्तर के आयोजन के लिए लोगों की हर रूप में भागीदारी आवश्यक होती है।

जया किशोरी ने कहा, "अगर पदार्थों के रूप में आप बच्चों के अंदर उत्साह पैदा कर रहे हैं, तो मुझे लगता है वो सही रास्ता नहीं है। लेकिन अगर वो रास्ते से हटाना है, तो बहुत बेहतरीन तरीका है ईश्वर से जोड़ने का। तो रास्ता आप बताइए, मंजिल हम चुनेंगे। तो रास्ता आपका ही है कॉन्सर्ट, पर मंजिल है ईश्वर।"

Source: IANS

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