बाहरी शक्तियों के सैन्य प्रदर्शन का मंच नहीं होर्मुज, उकसाया तो दिया जाएगा जवाब: ईरान

तेहरान, 4 जुलाई । दिवंगत सुप्रीम लीडर को अंतिम विदाई का कार्यक्रम तेहरान में जारी है। इस बीच, होर्मुज को लेकर पश्चिमी देशों की मंशा पर सवाल उठाते हुए ईरान ने स्पष्ट कहा कि "रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट किसी भी बाहरी क्षेत्रीय शक्तियों के सैन्य प्रदर्शन का मंच नहीं है", और चेतावनी दी कि किसी भी तरह के उकसावे का बराबर जवाब दिया जाएगा।

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा क्षेत्रीय देशों की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने कहा, "होर्मुज स्ट्रेट बाहरी क्षेत्रीय शक्तियों के सैन्य प्रदर्शन का मंच नहीं है। ईरान, स्ट्रेट की सुरक्षा का जिम्मेदार देश होने के नाते, इस जलमार्ग में किसी भी सैन्य गतिविधि के प्रति चेतावनी देता है। इसकी सुरक्षा क्षेत्रीय देशों के हाथों में है और उकसाने वाली गतिविधियों के परिणामों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा।”

यह प्रतिक्रिया ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के उस संयुक्त बयान के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि ओमान ने ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर हॉर्मुज स्ट्रेट में नौवहन सुरक्षा सुनिश्चित करने पर सहमति जताई है।

संयुक्त बयान में कहा गया था कि यह जलमार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और सभी देशों के जहाजों की सुरक्षित आवाजाही वैश्विक चिंता का विषय है। इसमें यह भी उल्लेख किया गया कि ब्रिटेन और फ्रांस “बहुराष्ट्रीय सैन्य मिशन” के तहत नौवहन स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं।

ईरान ने इससे पहले भी इस पहल की आलोचना करते हुए कहा था कि पश्चिमी देश फारस की खाड़ी और होर्मुज क्षेत्र में सुरक्षा ढांचे पर खुद को थोपने की कोशिश कर रहे हैं। उप विदेश मंत्री गरीबाबादी ने दावा किया था कि इस क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था ईरान के अधिकार क्षेत्र में है और बाहरी सैन्य कमांड इसके लिए वैध नहीं है।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement