राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच में तेजी, अनिल मिश्रा से पूछताछ करेगी एसआईटी

अयोध्या, 29 जुलाई । सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन के बाद जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। माना जा रहा है कि जांच के सिलसिले में एसआईटी पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा से भी पूछताछ कर सकती है।

जांच के दौरान मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाले बैंक कर्मचारियों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। अब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अधिकारियों के मुताबिक, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा का बयान दर्ज करने की तैयारी चल रही है। उन्हें नोटिस भेजने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। माना जा रहा है कि विशेष जांच टीम बैंक रिकॉर्ड, दस्तावेजों और अब तक जुटाए गए अन्य सबूतों के आधार पर डॉ. मिश्रा से पूछताछ करेगी।

सूत्रों के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर ट्रस्ट से जुड़े अन्य पदाधिकारियों, जिनमें गोपाल राव भी शामिल हैं, से भी इस मामले की जांच के सिलसिले में पूछताछ की जा सकती है।

20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गहराई से जांच कराने के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की निगरानी में नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाने का निर्देश दिया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया।

इस टीम में अयोध्या रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक सोमेन वर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर भी शामिल हैं। विशेष जांच टीम के गठन के बाद से जांच में तेजी आई है और टीम कथित अनियमितताओं से जुड़े अहम सबूत जुटाने में लगी है।

हालांकि, नई विशेष जांच टीम की अभी तक कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच लगातार और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ रही है।

इससे पहले, 26 जुलाई को उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का आधिकारिक तौर पर पुनर्गठन किया था।

इस बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 22 जुलाई को हुई विशेष बैठक में अपने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति को करीब एक महीने के लिए टालने का फैसला किया। हालांकि, मंदिर से जुड़ी जानकारी लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचाने और संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ट्रस्ट ने एक प्रवक्ता नियुक्त किया।

बैठक के दौरान ट्रस्ट ने पूर्णकालिक महासचिव की नियुक्ति को भी मंजूरी दी। साथ ही, मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और धार्मिक परंपराओं की पवित्रता, शुद्धता और परंपरागत स्वरूप बनाए रखने के लिए धार्मिक समिति के पुनर्गठन का फैसला किया।

Source: IANS

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