अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले को लेकर टीएमसी ने लगाया भाजपा पर आरोप,

पटना, 31 मई । अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले को लेकर जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है, साथ ही इसके लिए भाजपा पर आरोप लगाने को लेकर टीएमसी की आलोचना भी की है। उन्होंने कहा कि सुवेंदू सरकार से आरोपियों पर सख्त कार्रवाई किए जाने की उम्मीद है, लेकिन टीएमसी नेताओं को भी अपने गिरेबान में झांकने की जरूरत है।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। इस मामले में कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। टीएमसी के दौर को जनता ने सिर्फ इसलिए खारिज कर दिया कि टीएमसी के गुंडे के साथ पुलिस की सांठगांठ होने से राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती थी। लेकिन अब सुवेंदु अधिकारी की सरकार है। जनता ने कानून व्यवस्था का शासन स्थापित करने के लिए जनादेश दिया है। मुझे विश्वास है कि सुवेंदु अधिकारी की सरकार ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी।

अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार पर विपक्ष की ओर से भाजपा पर निशाना साधे जाने को लेकर राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि यह कानून व्यवस्था का सवाल है। पश्चिम बंगाल की सरकार कड़ी कार्रवाई करने के लिए संकल्पित है, लेकिन विपक्ष के इन नेताओं की जुबान तब क्यों नहीं खुलती थी जब टीएमसी के शासन के दौरान तमाम तत्कालीन विपक्षीय पार्टी के नेताओं को हिंसा का शिकार बनाया जाता था, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती थी और कार्यकर्ताओं के घर जलाए जाते थे? अब पश्चिम बंगाल उस दौर से निकला है।

कर्नाटक की राजनीति पर उन्होंने कहा कि यह तूफान के पहले का सन्नाटा है। कर्नाटक कांग्रेस में बहुत ज्यादा असंतोष बढ़ गया है। राहुल गांधी की लंबे वक्त तक उदासीनता की वजह से कई खेमों में कर्नाटक कांग्रेस बंट गई है। सिद्दारमैया दक्षिण भारत में कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरों में से एक हैं। पिछड़ों की राजनीति में उनकी स्वीकार्यता काफी ज्यादा है। ऐसे में यह बदलाव राहुल और कांग्रेस को भारी पड़ सकता है।

जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने रामचंद्र गुहा के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। आईएएनएस से बातचीत करते हुए राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि रामचंद्र गुहा सोनिया गांधी के विश्वस्त सलाहकारों में से एक हैं। वे नेहरू-गांधी परिवार से लंबे वक्त से जुड़े हुए हैं। जब राहुल गांधी की प्रासंगिकता को लेकर पूरे देश में बहस चल रही है, तब ऐसे समय में राहुल गांधी को लेकर उनकी काफी गंभीर टिप्पणी है। उनकी टिप्पणी से ही राहुल गांधी की प्रासंगिकता पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।

राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस के अंदर राहुल गांधी के नेतृत्व शैली को लेकर पहले भी सवाल खड़े होते रहे हैं। लेकिन उन्होंने ऐसा बयान दिया है कि कांग्रेस को ये समझना होगा कि आजादी के 75 वर्षों में कांग्रेस कहां पहुंच गई है। आज कांग्रेस कुछ राज्यों की पार्टी बनकर रह गई है और सरकारें तो गिनती के राज्यों में हैं। राहुल गांधी की उदासीनता कहीं इन्हें भी न ले बैठे, कांग्रेस में यह चिंता का विषय है। इसीलिए कांग्रेस को रामचंद्र गुहा जैसे बुद्धिजीवियों की बातों को गंभीरता के साथ लेना चाहिए।

Source: IANS

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