गुजरात: देश में पहली बार वंदे भारत ट्रेन से ट्रांसप्लांट के लिए हार्ट ले जाया गया

सूरत, 31 जुलाई । सूरत के न्यू सिविल हॉस्पिटल में 96वां सफल ऑर्गन डोनेशन हुआ है। किम के पीपोदरा में सांचा डिपार्टमेंट में काम करने वाले ओडिशा के 36 साल के मिथुन स्वैन की 2 किडनी, लिवर और हार्ट के डोनेशन से 4 लोगों को नई जिंदगी मिलेगी।

इस ऑर्गन डोनेशन में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन जीवन देने वाली बनी। क्योंकि देश में पहली बार वंदे भारत ट्रेन से ट्रांसप्लांट के लिए हार्ट ले जाया गया। हार्ट को लगभग 217 मिनट (3.45 घंटे) में सूरत से अहमदाबाद पहुंचाया गया। ओडिशा के गंजम जिले के सिद्धपुर के कलाखाड़ी निवासी और सूरत के किम में रहने वाले सांचा वर्कर 36 साल के मिथुन लक्ष्मणभाई स्वैन का लिवर, 2 किडनी और हार्ट 4 लोगों को नई जिंदगी देगा।

मिली जानकारी के मुताबिक, 28 जुलाई को मिथुन कमरे में फर्श पर बैठा था। जहां उसका चेहरा अचानक लटकने लगा और बाएं हाथ और पैर ने काम करना बंद कर दिया, इसलिए उसे स्थानीय प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया। उसकी हालत गंभीर होने पर उसे तुरंत 108 एम्बुलेंस से सूरत सिविल लाया गया। जहां इमरजेंसी डिपार्टमेंट में प्राइमरी ट्रीटमेंट देने के बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया।

30 जुलाई को शाम 04:01 बजे आरएमओ डॉ. केतन नायक, प्लास्टिक सर्जन डॉ. नीलेश कछड़िया, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रयाग मकवाना और न्यूरोसर्जन डॉ. केयूर प्रजापति ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। उसके बाद अंगदान चैरिटेबल ट्रस्ट के स्वयंसेवक इकबाल कड़ीवाला और काउंसलर निर्मला कथुडे ने मिथुनभाई की पत्नी और भाई समेत उनके परिवार के सदस्यों को अंगदान का महत्व समझाया।

रिश्तेदारों के जरिए दूसरों को नया जीवन देने की भावना और गांव के लोगों को अंगदान के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से परिवार ने भारी मन से अपनी सहमति दी। सुबह 5.00 बजे मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. पारुल वडगामा, मेडिकल ऑफिसर डॉ. सोलंकी, अंगदान चेरी।

ट्रस्ट के इकबाल कड़ीवाला, काउंसलर, डॉक्टर और स्टाफ प्रार्थना सभा में शामिल हुए और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। ब्रेन डेड मिथुनभाई का लिवर और दोनों किडनी आईकेडीआरसी हॉस्पिटल और सूरत रेलवे स्टेशन से हृदय वंदे भारत ट्रेन के जरिए यूएन मेहता हॉस्पिटल-अहमदाबाद ले जाई गईं।

अंगदान महादान अभियान को प्रेरक जनजागरण अभियान बनाने वाले अंगदान चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रणेता दिलीप दादा देशमुख का भी इस सेवा कार्य में सहयोग मिला। नवी सिविल के ई. मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. पारुल वडगामा के गाइडेंस में, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, सिक्योरिटी कर्मचारियों, रेलवे पुलिस और सोशल वर्कर्स, वॉलंटियर्स ने इस ऑर्गन डोनेशन प्रोसेस में अहम रोल निभाया।

Source: IANS

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