कांग्रेस की शक्ति योजना ने कर्नाटक की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की

बेंगलुरु, 2 सितंबर । कर्नाटक में विपक्ष के नेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने कांग्रेस पर राज्य के परिवहन निगमों को गंभीर वित्तीय संकट में धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शक्ति योजना को लागू करने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था कमजोर हुई है।

बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी बयान में आर. अशोक ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और परिवहन मंत्री बायराथी सुरेश पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शक्ति योजना के तहत महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा कराने की लागत का पैसा परिवहन निगमों को वापस नहीं किया है।

आर. अशोक ने सवाल उठाया, "कांग्रेस की शक्ति योजना ने कर्नाटक की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की रीढ़ तोड़ दी है। निगमों को कर्ज के जाल में धकेलने के लिए आप कर्नाटक की जनता और परिवहन कर्मचारियों को क्या जवाब देंगे?"

आंकड़ों का हवाला देते हुए आर. अशोक ने दावा किया कि सरकार पर परिवहन निगमों का 5,651.24 करोड़ रुपए बकाया है, जो महिलाओं को मुफ्त यात्रा कराने के बदले दिया जाना था।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चारों सरकारी परिवहन निगमों पर कुल 9,723.99 करोड़ रुपए का कर्ज है। उन्होंने बताया कि केएसआरटीसी पर 2,183.49 करोड़, बीएमटीसी पर 1,068.90 करोड़, केकेआरटीसी पर 1,045.95 करोड़ और एनडब्ल्यूकेआरटीसी पर 1,352.90 करोड़ रुपए की देनदारी है।

आर. अशोक ने कहा कि निगमों पर अन्य देनदारियां भी बढ़ रही हैं, जिसमें कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड के 2,658.18 करोड़ रुपए, रिटायर्ड कर्मचारियों के 538.18 करोड़ रुपए और डीजल के 1,053.88 करोड़ रुपए का बकाया शामिल है।

उन्होंने आरोप लगाया कि परिवहन निगमों के पास डीजल खरीदने, जरूरी स्पेयर पार्ट्स लेने या कर्मचारियों को सैलरी और रिटायरमेंट बेनिफिट देने के लिए भी पैसे नहीं हैं।

परिवहन मंत्री बायराथी सुरेश पर निशाना साधते हुए आर. अशोक ने कहा कि वह वित्तीय संकट को सुलझाने के बजाय प्रचार में लगे हैं।

उन्होंने कहा, "बस स्टैंड पर अचानक दौरे कर कैमरों के सामने पोज देने का फोटोशूट ड्रामा बंद कीजिए। फोटो से परिवहन निगम आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होंगे, उन्हें सरकार का बकाया पैसा चाहिए।"

आर. अशोक ने सार्वजनिक परिवहन यूजर्स के लिए स्मार्ट कार्ड लाने में देरी पर भी सरकार की आलोचना की और कहा कि कांग्रेस सरकार बिना ठोस कदम उठाए सिर्फ आश्वासन दे रही है।

उन्होंने सरकार से तुरंत 5,651 करोड़ रुपए जारी करने की मांग करते हुए कहा, "अपने राजनीतिक हितों के लिए परिवहन कर्मचारियों के परिवारों को कंगाल मत बनाइए। निगमों को बकाया पैसा तुरंत जारी कीजिए।"

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो भाजपा परिवहन कर्मचारियों के समर्थन में और कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन करेगी।

Source: IANS

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