बंगाल में भाजपा की दाल नहीं गलेगी, जनता को ममता बनर्जी शासन में किया गया विकास पसंद: आनंद दुबे

मुंबई, 18 फरवरी। शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जनता को सीएम ममता बनर्जी के शासन में किया गया विकास पसंद है, इसीलिए, बंगाल में भाजपा की दाल नहीं गलने वाली है।  

मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में आनंद दुबे ने कहा कि पिछले पंद्रह सालों से भारतीय जनता पार्टी ममता बनर्जी के खिलाफ हर दिन रैलियां कर रही हैं, लेकिन जीत नहीं पाई है। पंद्रह सालों से ममता बनर्जी लगातार चुनाव जीत रही हैं। भाजपा इसलिए बेचैन है, क्योंकि वहां डबल इंजन वाली सरकार नहीं बना पाई है। केंद्र में सरकार तो है, लेकिन बंगाल की जनता नकार देती है, और ममता बनर्जी की प्यारी जनता उनके मंसूबों पर पानी फेर देती है। एसआईआर होने से भी भाजपा की दाल नहीं गलेगी।

आनंद दुबे ने कहा कि महाराष्ट्र में 2014 में मुसलमानों को दिया गया पांच प्रतिशत आरक्षण उन्हें पढ़ाई और सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने के लिए था। इस देश में आप धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दे सकते हैं। नहीं तो, आज मुसलमान इसकी मांग करेंगे, कल सिख करेंगे, परसों ईसाई करेंगे, और जल्द ही बौद्ध, जैन और पारसी सभी ऐसी ही मांग करेंगे। हमारे देश में आरक्षण उसे मिलना चाहिए, जो आर्थिक रूप से कमजोर है। हमारे यहां पिछड़े-अति पिछड़े समाज के लोगों को आरक्षण मिला है। लेकिन, जो फैसला राज्य सरकार ने आरक्षण को लेकर दिया है, इस पर चर्चा होनी चाहिए, इसे हिन्दू-मुस्लिम एंगल से नहीं देखना चाहिए।

आनंद दुबे ने कहा कि जिस दिन अजित पवार का निधन हुआ, उस दिन से हम मांग कर रहे हैं कि इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की लीडरशिप वाली कमेटी से कराई जाए, क्योंकि डीजीसीए सही जांच नहीं कर रहा है। अहमदाबाद विमान हादसे की जांच की अभी तक तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। अजित पवार के निधन मामले में रोहित पवार ने बहुत अच्छा विश्लेषण किया है, और सुनेत्रा पवार ने भी सीबीआई जांच की मांग की है। एक राज्य का इतना महत्वपूर्ण नेता हमारे बीच से चला गया। सरकार को जांच करानी चाहिए। जैसे-जैसे समय बीतेगा, सवाल ज्यादा उठेंगे कि यह हादसा है या साजिश, इसकी जांच होनी चाहिए।

संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर आनंद दुबे ने कहा कि भारत प्राचीन काल का बहुत पुराना देश है। हमारी सनातन संस्कृति की शुरुआत या अंत कोई तय नहीं कर पाया है। सनातन मान्यता है कि पूरी दुनिया एक परिवार है। इसलिए चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो, या ईसाई हो, हम सब भाई-भाई हैं। मोहन भागवत ने सच में कौन सी नई बात कही है? भारत में रहने वाले मुसलमान कई साल पहले हिंदू थे। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी यह नहीं मानती। 

Source: IANS

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