पटना का चर्चित 10 सर्कुलर रोड बंगला जल्द होगा खाली, राबड़ी देवी ने शुरू की शिफ्टिंग

पटना, 26 जून । बिहार की राजनीति का एक अहम अध्याय अब समाप्ति की ओर बढ़ता दिख रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के परिवार से लंबे समय तक जुड़ा रहा पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड का सरकारी आवास खाली कराने की प्रक्रिया तेज हो गई है। शुक्रवार को आवास के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे हटाए गए, जबकि घर का सामान भी धीरे-धीरे दूसरी जगह शिफ्ट किया जाता रहा।

करीब दो दशकों तक यह बंगला राजद की राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी वर्ष 2006 से इस सरकारी आवास में रह रही थीं। यह आवास उन्हें पहले बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बाद में बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष रहने के दौरान आवंटित किया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव भी लंबे समय तक इसी आवास में रहे।

इन वर्षों में 10 सर्कुलर रोड राजद की राजनीतिक रणनीतियों, संगठनात्मक बैठकों और चुनावी फैसलों का अहम केंद्र बना रहा। बिहार की राजनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय इसी आवास में लिए गए, जिससे यह पता राज्य की राजनीति का एक प्रमुख प्रतीक बन गया।

राज्य सरकार ने अब इस सरकारी बंगले का आवंटन पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को कर दिया है। वहीं, राबड़ी देवी को बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, राबड़ी देवी ने 10 सर्कुलर रोड में ही बने रहने की अनुमति मांगी थी, लेकिन भवन निर्माण विभाग ने उनके अनुरोध को मंजूरी नहीं दी। विभाग की ओर से अब तक चार नोटिस जारी कर आवास खाली करने को कहा जा चुका है। अंतिम समय-सीमा 29 जून तक निर्धारित की गई है, जिसके बाद बंगला औपचारिक रूप से नए आवंटी को सौंप दिया जाएगा।

इधर, हार्डिंग रोड स्थित नए सरकारी आवास में निर्माण और आवश्यक बदलाव का काम जारी है। बताया जा रहा है कि राबड़ी देवी की ओर से कुछ संरचनात्मक बदलाव की मांग की गई थी, जिसे भवन निर्माण विभाग पूरा करा रहा है।

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि भविष्य में लालू परिवार कौटिल्य नगर में निर्माणाधीन अपने निजी आवास में भी शिफ्ट हो सकता है।

10 सर्कुलर रोड से सुरक्षा उपकरणों को हटाया जाना और सामान की लगातार हो रही शिफ्टिंग इस बात का संकेत माना जा रहा है कि आवास का हस्तांतरण अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

करीब 20 वर्षों तक यह सरकारी आवास राजद और लालू परिवार के राजनीतिक उतार-चढ़ाव का साक्षी रहा। ऐसे में राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव का इस बंगले से विदा होना बिहार की राजनीति में एक प्रतीकात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिसे एक राजनीतिक युग के अंत के तौर पर भी माना जा रहा है।

Source: IANS

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