सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने किया विशेष

हरिद्वार, 1 अगस्त । सावन के पवित्र महीने में बड़े धूम-धाम से श्रद्धालु शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। जबकि देशभर से श्रद्धालु सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में इकट्ठा हो रहे हैं। श्रावण कृष्ण पक्ष तृतीया पर शनिवार को आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज आधी रात को गंगा स्नान के बाद रोजाना विशेष शिव पूजा और रुद्राभिषेक करते हैं।

गंगा में पवित्र डुबकी लगाने के बाद दक्षिण काली पीठ मंदिर में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने भगवान शिव का विशेष रुद्राभिषेक किया।

उनके एक सेवादार विनोद कुमार ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए बताया, "गुरुजी सावन के पवित्र महीने की पूर्णिमा से यह आध्यात्मिक अनुष्ठान शुरू करते हैं और रक्षाबंधन तक इसे जारी रखते हैं। पूरे सावन के दौरान, गुरुजी मौन व्रत रखते हैं और दिन में लगभग 23-24 घंटे भगवान शिव की पूजा-अर्चना में लीन रहते हैं। हर रात, आधी रात से सुबह 4 बजे के बीच, गुरुजी अपनी पूजा जारी रखने से पहले गंगा में पवित्र डुबकी लगाते हैं।"

मंदिर में भगवान के दर्शन करने आईं, श्रद्धालु स्वरिमा दीक्षित ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज के गंगा जल से रुद्राभिषेक के दौरान, शिव जी की मूर्ति के पास लगभग 17-18 सांप दिखाई दिए। यह एक अद्भुत और दिव्य नजारा था जिसने सभी भक्तों को हैरान कर दिया।"

वहीं, उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए कई जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए एटा जिले के कांवड़ यात्रा के एक श्रद्धालु ने कहा, "रास्ते में सुरक्षा के इंतजाम बहुत अच्छे हैं। हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करता हूं। प्रशासन ने सड़कों को साफ रखा है, कहीं कोई ट्रैफिक जाम नहीं है, बिजली की व्यवस्था है, और कुल मिलाकर प्रबंधन बहुत बढ़िया रहा है।"

Source: IANS

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