30 जुलाई का पंचांग: श्रावण मास पर भगवान शिव की पूजा करने से लाभ, दोपहर 12:07 से 12:59 बजे तक अभिजित मुहूर्त

नई दिल्ली, 29 जुलाई । हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।

30 जुलाई 2026 (गुरुवार) को श्रावण मास (सावन) के कृष्ण पक्ष प्रतिपदा की तिथि रात 9:30 बजे तक है। इसके बाद द्वितीया लग जाएगी। इस दिन श्रावण मास यानी सावन के महीने की शुरुआत हो जाएगी। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करना अत्यंत शुभ रहेगा।

इस दिन सुबह 6:00 बजे सूर्योदय और शाम 7:06 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं शाम 7:48 बजे चंद्रोदय और सुबह 7:15 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को सूर्य पुष्य नक्षत्र में गोचर करेगा, जबकि चंद्रमा शाम 5:43 बजे तक श्रवण नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र आरंभ होगा।

गुरुवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि इस दिन आयुष्मान योग रहेगा। गुरुवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:07 से 12:59 बजे तक रहेगा; यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल सुबह 6:24 से 8:08 बजे तक रहेगा।

वहीं, राहुकाल दोपहर 2:11 बजे 3:49 बजे और गुलिक काल सुबह 9:17 से 10:55 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगंड काल सुबह 6:00 से 7:38 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है।

गुरुवार को इस दिन सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा मकर राशि में स्थित रहेगा। दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

Source: IANS

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