1 अगस्त का पंचांग: जया पार्वती व्रत के समापन पर करें मां पार्वती की पूजा, शिवलिंग पर जल और बेल पत्र चढ़ाना फलदाई

नई दिल्ली, 31 जुलाई । हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।

1 अगस्त 2026 (शनिवार) को श्रावण मास (सावन) के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि रात 11:07 बजे तक है। इसके बाद चतुर्थी लग जाएगी। इस दिन भगवान शिव व मां पार्वती की पूजा करनी चाहिए। सावन के महीने में शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाना चाहिए। इसी दिन जया पार्वती व्रत का समापन भी हो रहा है।

इस दिन सुबह 6:01 बजे सूर्योदय और शाम 7:05 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, शाम 8:54 बजे चंद्रोदय और सुबह 9:03 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, 1 अगस्त 2026 को सूर्य पुष्य नक्षत्र में गोचर करेगा, जबकि चंद्रमा रात 8:45 बजे तक शतभिषा नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र आरंभ होगा।

शनिवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि इस दिन शोभन योग रहेगा। शनिवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:07 से 12:59 तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल दोपहर 1:09 से 2:50 तक रहेगा।

वहीं, राहुकाल सुबह 9:17 बजे 10:55 बजे और गुलिक काल सुबह 6:01 से 7:39 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगंड काल दोपहर 2:11 से 3:49 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है।

शनिवार को इस दिन सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा कुंभ राशि में स्थित रहेगा। पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement