धर्म
महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सोमवार को स्नान पूर्णिमा है। मान्यता है कि इस दिन स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा अस्वस्थ हो जाते हैं। इसके बाद वे 15 दिनों तक 'अनसर घर' (विश्राम कक्ष) में रहते हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि इस वर्ष आयोजित अंबुबाची महायोग के दौरान नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। उन्होंने इसे असम की आध्यात्मिक विरासत और सनातन परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति बताया।
अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच अब आरोपियों की भूमिका पर केंद्रित हो गई है। एसआईटी की संस्तुति के आधार पर दर्ज मुकदमे में आठ लोगों को नामजद किया गया है।
निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गुरुवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित त्रिवेणी संगम में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु संगम तट पर पहुंचे और गंगा, यमुना तथा अदृश्य सरस्वती के संगम में पवित्र स्नान कर भगवान से सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और विश्व शांति की कामना की।
पूर्वी भारत के सबसे बड़े और अहम धार्मिक आयोजनों में से एक, सालाना अंबुवाची मेला सोमवार को मशहूर कामाख्या मंदिर में शुरू होने जा रहा है। चार दिन तक चलने वाले इस मेले में देश-विदेश से आठ लाख से अधिक श्रद्धालु, तीर्थयात्री, साधु और पर्यटक शामिल होने की उम्मीद अधिकारियों ने जताई है।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) में 63 अधिकारियों को अल्पकालिक आधार पर तैनात किया है। ये अधिकारी गुफा तीर्थस्थल के मार्ग में स्थित विभिन्न शिविरों में शिविर निदेशक और अतिरिक्त शिविर निदेशक के रूप में तैनात रहेंगे।
धर्मनगरी हरिद्वार में सोमवती अमावस्या के पावन पर्व पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह तड़के से ही हर की पौड़ी समेत गंगा के प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
उत्तराखंड के नैनीताल स्थित कैंची धाम में बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। कैंची धाम में 15 जून को स्थापना दिवस समारोह की तैयारी चल रही है।
देवभूमि उत्तराखंड हरिद्वार की पावन धरा पर 'मां दक्षिण काली' निवास करती हैं। गंगा नदी के ठीक किनारे, शांत और मनोरम परिवेश में स्थित यह मंदिर हरिद्वार के सबसे प्राचीन और शक्तिपीठों में से एक है।
ज्येष्ठ अधिक मास कृष्ण पक्ष अष्टमी पर सोमवार को श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का राजा स्वरूप में शृंगार कर भव्य भस्म आरती की गई। भोर में चार बजे बाबा महाकाल के पट खोले गए।
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