विज्ञान/प्रौद्योगिकी - पेज 28
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत बनी हुई है और कुछ लोग भारत में डर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और इससे जनता का विश्वास कम होता है।
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केंद्र सरकार ने रविवार को अपने नागरिकों को सलाह दी है कि जो लोग वर्तमान में कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में रह रहे हैं या वहां यात्रा पर जा रहे हैं, वे वहां की स्थानीय स्वास्थ्य एजेंसियों द्वारा जारी की गई सलाह का सख्ती से पालन करें और विशेष एहतियात बरतें।।
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27 मार्च 2026 को पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (एसएईडी) में की गई कटौती से चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार के खजाने पर करीब 30,000 करोड़ रुपए का बोझ पड़ा। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों का असर उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया और यह बोझ सरकार ने खुद उठाया।
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केंद्रीय विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने उद्योग के गंदे पानी को साफ करने के लिए एक बेहद दिलचस्प और पर्यावरण-अनुकूल तकनीक विकसित की है। खास बात यह है कि इस सिस्टम में केंचुए, जलीय पौधे, सूक्ष्मजीव और बिना मिट्टी वाले पौधों की तकनीक यानी हाइड्रोपोनिक्स को एक साथ जोड़ा गया है।
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पृथ्वी के वायुमंडल में एक शानदार और रहस्यमयी चमक लगातार दिखती रहती है, जिसे वैज्ञानिक ‘एयरग्लो’ कहते हैं। हाल ही में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से ली गई एक तस्वीर में पृथ्वी नारंगी रोशनी में नहाई हुई दिख रही है।
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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक साझेदार के रूप में काम कर रहे हैं और दोनों देशों के बीच तकनीक, रक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, क्वांटम कंप्यूटिंग और मेडिकल डिवाइसेज़ जैसे क्षेत्रों में मजबूत सहयोग बन रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों की सबसे बड़ी ताकत आपसी विश्वास और साझा आर्थिक हित हैं।
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अमेरिका में अदाणी ग्रुप का मामला सुलझने से न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में भारत को तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। यह बयान दिग्गज अमेरिकी इंडस्ट्री लीडर डॉ क्रिस सिंह ने दिया।
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भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला स्पेस से जुड़े अनोखे अनुभवों को प्रशंसकों के साथ साझा करते रहते हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) यात्रा रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रही। इस दौरान भारत और यूएई के बीच ऊर्जा क्षेत्र में कई अहम समझौते ऐसे समय में हुए जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान भारत और नॉर्वे ने विज्ञान और तकनीक साझेदारी को मजबूत करते हुए पांच बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए। ये समझौते ग्रीन एनर्जी, सतत विकास, समुद्री तकनीक, नवाचार और भू-विज्ञान सहयोग जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं।
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