पंकज आडवाणी: महज 10 साल की उम्र में स्नूकर में पहली बार आजमाया हाथ, ऐतिहासिक करियर में जीते 28 विश्व खिताब

नई दिल्ली, 23 जुलाई । भारत में जब बिलियर्ड्स और स्नूकर गेम का जिक्र होता है, तो सबसे पहले एक ही खिलाड़ी का नाम दिमाग में आता है और वो है पंकज आडवाणी। महज 10 साल की उम्र में पहली बार स्नूकर टेबल पर हाथ आजमाने वाले पंकज का करियर ऐतिहासिक रहा। उन्होंने विश्व स्तर पर 28 खिताब अपने नाम किए।

पंकज आडवाणी का जन्म 24 जुलाई, 1985 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। उस दौर में भारत में बिलियर्ड्स या स्नूकर के खेल को कोई खास पहचानता नहीं था। हालांकि पंकज की इस खेल के प्रति बचपन से ही दिलचस्पी रही। वह अपने बड़े भाई को स्नूकर खेलते हुए देखते थे और देखते ही देखते इस खेल के प्रति उनका लगाव बढ़ने लगा। 10 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार स्नूकर टेबल पर हाथ रखा और इसके बाद फिर इस खेल में रमते चले गए।

पंकज को द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता अरविंद सावूर के रूप में पहला ही कोच शानदार रहा, जिनकी देखरेख में उन्होंने इस खेल की बारीकियों को सीखा। पंकज ने सिर्फ 17 साल की उम्र में अपना पहला खिताब जीता।

उन्होंने 2003 में आईबीएसएफ विश्व स्नूकर चैंपियनशिप को अपने नाम किया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। पंकज ने अपने करियर में बिलियर्ड्स और स्नूकर दोनों खेलों को मिलाकर कुल 28 विश्व खिताब अपने नाम किए।

साल 2005 में पंकज एक ही साल में प्वाइंट और टाइम दोनों ही प्रारूपों की आईबीएसएफ वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीतकर ग्रैंड डबल पूरा करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने। साल 2014 में आयोजित हुई आईबीएसएफ वर्ल्ड-6 रेड स्नूकर चैंपियनशिप का खिताब जीतकर पंकज बिलियर्ड्स और स्नूकर में छोटे और बड़े दोनों ही स्पर्धाओं में जीत हासिल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने।

पंकज का प्रदर्शन एशियाई खेलों में दमदार रहा। उन्होंने देश को साल 2006 और 2010 में हुए एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल दिलवाया। साल 2004 में पंकज को सरकार ने अर्जुन पुरस्कार, 2006 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, 2009 में पद्म श्री और 2018 में पद्म भूषण से सम्मानित किया। भारत में बिलियर्ड्स और स्नूकर के खेल को पहचान दिलाने में पंकज आडवाणी की सफलताओं का अहम रोल रहा।

Source: IANS

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