मेरा सपना पूरा हुआ, भगवान और परिवार का शुक्रिया: सारांश जैन

कोलंबो, 23 अगस्त । भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में दूसरा टेस्ट मैच रविवार को शुरू हुआ। ऑलराउंडर सारांश जैन ने इस मैच से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया है। सारांश को घरेलू क्रिकेट में लंबा समय बिताने के बाद डेब्यू का मौका मिला है। इससे वह बेहद खुश हैं।

बाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के ऑफ स्पिन गेंदबाज सारांश जैन को डेब्यू कैप दिग्गज ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने सौंपी। सारांश को 320 नंबर कैप दी गई। डेब्यू कैप मिलने के बाद सारांश ने भगवान और अपने परिवार का शुक्रिया अदा किया।

बीसीसीआई द्वारा सोशल मीडिया पर साझा वीडियो में सारांश ने कहा, "जब भी कोई खिलाड़ी क्रिकेट खेलना शुरू करता है, तो उसका सपना भारत के लिए खेलना होता है। मैंने आज इसे हासिल कर लिया है। इसलिए, मैं भगवान और परिवार का बहुत शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मेरा साथ दिया और मुझे यह कामयाबी मिली।"

रवींद्र जडेजा से टेस्ट कैप मिलने पर सारांश बेहद खुश दिखे। उन्होंने कहा, "जड्डू भाई एक लेजेंड हैं और अगर मुझे उनसे कैप मिलती है, तो यह मेरे लिए बहुत बड़ा फायदा होगा। मैं बहुत खुश हूं और मैं एक ऐसे ऑल-राउंडर से कैप लेना चाहता था जो मुझे प्रेरित करे क्योंकि मैं भी एक ऑल-राउंडर हूं। मैं इसे पूरा करने की कोशिश करूंगा।"

जडेजा ने भी सारांश को डेब्यू टेस्ट कैप देते हुए कहा, "टेस्ट कैप नंबर 320, सारांश, बहुत बढ़िया। आप इतने सालों से घरेलू क्रिकेट में हैं। आपने कड़ी मेहनत की है और लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, चाहे वह भारत हो या रणजी ट्रॉफी। मुझे लगता है कि यह आपके लिए जीवन में एक बहुत ही महत्वपूर्ण मौका होगा क्योंकि एक क्रिकेटर के रूप में हर किसी का सपना भारत का प्रतिनिधित्व करना और टेस्ट खिलाड़ी बनना होता है।"

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि आपको इस पल का मजा लेना चाहिए, और बिल्कुल भी दबाव नहीं लेना चाहिए। आप जैसे घरेलू क्रिकेट में इतने सारे मैच खेले हैं, वैसे ही यहां खेलें। समर्थन के लिए 14 और खिलाड़ी आपके साथ हैं। इसलिए, दबाव के बजाय इस पल का मजा लें। ऑल द बेस्ट।"

33 साल के सारांश ने मध्यप्रदेश के लिए 2014 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया। 12 साल के लंबे और शानदार सफल घरेलू करियर के बाद सारांश को भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने का मौका मिला है। सारांश 1998 में रॉबिन सिंह के बाद 33 साल की उम्र में टेस्ट खेलने वाले सबसे उम्रदराज भारतीय खिलाड़ी भी हैं। दिलचस्प बात यह है कि मुरली विजय और मोहम्मद शमी के बाद सारांश तीसरे ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट मिलने से पहले टेस्ट डेब्यू किया।

सारांश ने 54 प्रथम श्रेणी मैचों में 31.75 की औसत से 2,223 रन बनाने के साथ ही 188 विकेट ले चुके हैं। मध्यप्रदेश रणजी ट्रॉफी जीतने वाली टीम के सदस्य रहे हैं। इंडिया ए टीम के लिए भी खेल चुके हैं।

Source: IANS

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