आईटीएफ जे100 टूर्नामेंट में रनर-अप रहीं भारत की 13 वर्षीय सृष्टि किरण
बेंगलुरु की 13 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी सृष्टि किरण आईटीएफ वर्ल्ड टेनिस टूर जूनियर्स जे100 टूर्नामेंट में रनर-अप रहीं। सृष्टि को फाइनल में यूएसए की टॉप सीड एलेरी मेंडेल के हाथों 4-6, 3-6 से हार का सामना करना पड़ा।

ग्वाटेमाला सिटी, 7 जून । बेंगलुरु की 13 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी सृष्टि किरण आईटीएफ वर्ल्ड टेनिस टूर जूनियर्स जे100 टूर्नामेंट में रनर-अप रहीं। सृष्टि को फाइनल में यूएसए की टॉप सीड एलेरी मेंडेल के हाथों 4-6, 3-6 से हार का सामना करना पड़ा। मैच के आखिरी दौर में क्रैम्प्स से जूझते हुए, इस युवा भारतीय खिलाड़ी ने अपनी ऊंची रैंकिंग वाली प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जबरदस्त जज्बा दिखाया।
फाइनल की शुरुआत में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। सृष्टि ने 2-0 की बढ़त बनाने के बाद पहले सेट में 3-1 की बढ़त हासिल कर ली थी, लेकिन मेंडेल ने वापसी करते हुए सेट 6-4 से जीत लिया।
दूसरे सेट में, भारतीय खिलाड़ी 3-3 की बराबरी पर थीं और उनके पास दो गेम प्वाइंट थे, जिनसे उन्हें 4-3 की अहम बढ़त मिल सकती थी। हालांकि, लगातार दर्द और क्रैम्प्स ने उनकी मूवमेंट को प्रभावित किया, जिससे अमेरिकी खिलाड़ी को मैच पर पकड़ बनाने और जीत हासिल करने का मौका मिल गया।
हार के बावजूद, यह टूर्नामेंट सृष्टि के लिए एक और अहम उपलब्धि रहा, जो लगातार पांच आईटीएफ जूनियर खिताब जीतने के शानदार सफर के बाद ग्वाटेमाला पहुंची थीं।
फाइनल तक पहुंचने के इस युवा खिलाड़ी के सफर में सीडेड प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ कई शानदार जीत शामिल रहीं। उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत पहले दौर में मेजबान शहर की काटिया मारिया पेमुएलर पर 6-1, 6-0 की दमदार जीत के साथ की। प्री-क्वार्टर फाइनल में सातवीं सीड सारा स्टोयानोव को 6-1, 7-6 (1) से हराया, जिसके बाद क्वार्टर फाइनल के कड़े मुकाबले में मैक्सिको की चौथी सीड हेन एस्ट्राडा कॉर्टेस को 6-4, 4-6, 6-2 से मात दी।
इसके बाद सृष्टि ने सेमीफाइनल में इस हफ्ते का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए यूएसए की दूसरी सीड फिलिपा डेलगाडो को 6-2, 6-1 से हराकर खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की की। सृष्टि पिछले हफ्ते अपनी करियर की बेहतरीन जूनियर रैंकिंग 461 पर पहुंची थीं और हाल ही में उपविजेता रहने के बाद उनकी रैंकिंग में और सुधार होने की उम्मीद है।
खिताबी मैच के बाद सृष्टि ने कहा, "यह टूर्नामेंट मेरे लिए बहुत खास रहा है। फाइनल तक पहुंचना और कुछ बहुत मजबूत खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना, इससे मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। बेशक, मैं टाइटल न जीत पाने से निराश हूं, लेकिन इस हफ्ते से मुझे कई अच्छी बातें सीखने को मिली हैं।"
Source: IANS

