वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप: अनाहत ने कटाया क्वार्टर फाइनल का टिकट, डॉयस ये सैन को दी मात

ओंटारियो, 23 जुलाई । भारत की युवा स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर व्यक्तिगत चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। टूर्नामेंट की शीर्ष वरीयता प्राप्त अनाहत ने प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मलेशिया की डॉयस ये सैन ली को सीधे गेम में हराया।

पिछले साल इस प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली अनाहत ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को 11-4, 11-8 और 11-3 से मात दी। अब क्वार्टर फाइनल में उनका सामना मिस्र की 5/8 सीड खिलाड़ी हबीबा रिजक से होगा। महिला वर्ग के अन्य मुकाबलों में भी कई रोमांचक मैच देखने को मिले। मिस्र की हबीबा रिजक ने अमेरिका की शार्लेट जे को चार गेम के मुकाबले में हराकर अगले दौर में जगह बनाई। वहीं, बेल्जियम की सवाना मोक्सहैम ने पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए हांगकांग की एना क्वांग को 3-1 से हराया।

मिस्र की मलिका एलकाराक्सी ने अमेरिका की दिया यादव को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं, पुरुष वर्ग में भी कई अहम मुकाबले खेले गए। टॉप सीड मोहम्मद जकारिया ने पाकिस्तान के नौमान खान को हराकर अगले दौर में जगह बनाई, तो फ्रांस के अमीर खालिद-जौसेलिन ने इंग्लैंड के रॉनी हिकलिंग को सीधे गेम में हराया, जबकि हांगकांग की हेलेन टैंग ने मलेशिया की हार्लीन टैन को मात दी।

हालांकि, पुरुष वर्ग में कुछ बड़े उलटफेर भी देखने को मिले। भारत के आर्यवीर दीवान, जो टूर्नामेंट में 5/8 सीड खिलाड़ी थे, उन्हें अमेरिका के यासीन शलाबी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। अमेरिकी खिलाड़ी ने आर्यवीर को 11-4, 11-1 और 11-5 से हराया। यह आर्यवीर के लिए निराशाजनक परिणाम रहा, क्योंकि वह मौजूदा एशियाई अंडर 19 चैंपियन हैं और उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी।

इसके अलावा, ब्राजील की लौरा सिल्वा को मलेशिया की व्हिटनी विल्सन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। वहीं, सऊदी अरब के मोहम्मद अलनासफान ने इंग्लैंड के डायलन रॉबर्ट्स को पांच गेम के रोमांचक मुकाबले में हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई। वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप 2026 में व्यक्तिगत मुकाबले 20 से 25 जुलाई तक खेले जा रहे हैं। इसके बाद 26 से 31 जुलाई तक पुरुष और महिला टीम प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। भारतीय पुरुष टीम इस टूर्नामेंट में अच्छे प्रदर्शन करने की उम्मीद के साथ उतरेगी। पिछले साल काहिरा में टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था, जिससे भारत का 13 साल से चला आ रहा पदक का इंतजार खत्म हुआ था।

Source: IANS

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