उत्तराखंड: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीएम धामी ने जसपाल राणा को श्रद्धांजलि दी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून के मझौन में दिवंगत शूटिंग कोच और खिलाड़ी रहे जसपाल राणा को उनकी 'तेहरवीं' पर श्रद्धांजलि दी।।

देहरादून, 24 जून । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून के मझौन में दिवंगत शूटिंग कोच और खिलाड़ी रहे जसपाल राणा को उनकी 'तेहरवीं' पर श्रद्धांजलि दी।
राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर कहा, "जसपाल राणा ने वैश्विक मंच पर भारतीय निशानेबाजी को नई पहचान देने और उसे ऊंचा करने में अहम भूमिका निभाने के लिए लंबे समय तक याद किया जाएगा।"
रक्षा मंत्री ने जसपाल राणा के परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी जसपाल राणा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने शानदार प्रदर्शन से उत्तराखंड और देश को गौरवान्वित किया। उनकी विरासत विरासत आने वाली पीढ़ियों के एथलीटों के लिए प्रेरणा का एक स्थायी स्रोत बनी रहेगी।
श्रद्धांजलि समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, उत्तराखंड के मंत्री सौरभ बहुगुणा और खजान दास, भारतीय जनता पार्टी के सांसद महेश शर्मा, अजय भट्ट और सुधांशु त्रिवेदी, बीजेपी विधायक पंकज सिंह, आदि उपस्थित रहे।
द्रोणाचार्य पुरस्कार, अर्जुन अवॉर्ड और पद्मश्री से सम्मानित जसपाल राणा का 13 जून को नई दिल्ली में एक अस्पताल में निधन हो गया था।
भारत के सबसे महान शूटरों में से एक माने जाने वाले राणा का तीन दशक से भी लंबा करियर रहा। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के सबसे सफल एथलीट हैं। उन्होंने कॉम्पिटिशन के चार एडिशन में नौ स्वर्ण पदक सहित 15 पदक जीते हैं। उनकी उपलब्धियों में एशियन गेम्स में चार स्वर्ण पदक और एक रजत पदक भी शामिल है।
उन्होंने मिलान में 1994 की वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में रिकॉर्ड-सेटिंग परफॉर्मेंस के साथ स्वर्ण पदक जीता और 2006 के दोहा एशियन गेम्स के दौरान 25-मीटर सेंटर फायर पिस्टल इवेंट में वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की।
खेल से संन्यास के बाद राणा ने एक सफल कोच के तौर पर भी अपनी बड़ी पहचान बनाई। पेरिस ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली मनु भाकर के कोच जसपाल राणा ही थे।
Source: IANS

