अमेरिकी हमलों से कमांड ढांचे में संकट, मुश्किल में ईरानी सेना: पीट हेगसेथ

वॉशिंगटन, 1 अप्रैल। अमेरिका ने मंगलवार को कहा कि ईरान के खिलाफ उसका चल रहा सैन्य अभियान देश की सशस्त्र सेनाओं को कमजोर कर रहा है। ईरानी सेना का मनोबल गिर रहा है, सैनिक भाग रहे हैं और अहम कर्मियों की कमी हो रही है।

रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पेंटागन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा कि अमेरिकी हमले ईरानी सेना के आपसी तालमेल और कमांड ढांचों पर लगातार असर डाल रहे हैं।

एक सवाल के जवाब में हेगसेथ ने कहा, "खुफिया जानकारी साफ है... हमले ईरानी सेना के मनोबल को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे बड़े पैमाने पर सैनिक भाग रहे हैं, अहम कर्मियों की कमी हो रही है और वरिष्ठ नेताओं में निराशा फैल रही है।"

उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने अहम कमांड बंकरों को तबाह कर दिया है, जिससे ईरानी नेताओं को मुश्किल हालात में काम करना पड़ रहा है। हाल ही में उनका एक और कमांड बंकर तबाह कर दिया गया। उनके पास अब न पानी है न बिजली न ऑक्सीजन न ही कमांड और कंट्रोल।

ऑपरेशनल स्तर पर पेंटागन ने कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने पिछले महीने 11,000 से ज़्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं, जिनमें मिसाइल सिस्टम, नौसैनिक संपत्तियां और रक्षा बुनियादी ढांचे पर खास ध्यान दिया गया है।

ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि इस अभियान का मकसद ईरान की अपनी सीमाओं से बाहर ताकत दिखाने की क्षमता को धीरे-धीरे कम करना है।

उन्होंने कहा, "हम अहम मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों, पुर्ज़ों के भंडारण स्थलों और रिसर्च सुविधाओं के खिलाफ सटीक हमले जारी रखे हुए हैं।"

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि लगातार हमलों और सप्लाई चेन पर दबाव के मेल से ईरान की अपनी सैन्य क्षमताओं को फिर से बनाने की ताकत सीमित हो रही है।

पेंटागन ने संकेत दिया कि ईरान के रक्षा औद्योगिक आधार को निशाना बनाने के दूरगामी असर होंगे, जिससे समय के साथ हथियारों के सिस्टम को फिर से बनाने की उसकी क्षमता कम हो जाएगी।

Source: IANS

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