रियाद में यूएस दूतावास की इमारत पर हमला निंदनीय: सऊदी अरब

रियाद, 3 मार्च। रियाद में यूएस दूतावास की इमारत को निशाना बनाकर किए हमले की सऊदी अरब ने पुरजोर शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करार दिया।

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर इस बयान को साझा किया है, जिसमें लिखा है कि वह इमारत को निशाना बनाकर किए गए ईरान के हमले की सख्त शब्दों में निंदा करता है।

इसमें आगे लिखा है कि देश इसे कायरतापूर्ण हमला मानता है, जो 1949 के जिनेवा कन्वेंशन और 1961 के वियना कन्वेंशन ऑन डिप्लोमैटिक रिलेशंस समेत सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों का खुलेआम उल्लंघन करता है। ये समझौते हथियारबंद लड़ाई के मामलों में भी डिप्लोमैटिक जगहों और लोगों को छूट की इजाजत देते हैं।

सऊदी के मुताबिक, वो तेहरान को बता चुका है कि ईरान पर हमला करने के लिए वो अपने एयरस्पेस या इलाके का इस्तेमाल नहीं करने देगा। बावजूद इसके, ऐसे हमले किए जा रहे हैं। इससे इलाके में तनाव और बढ़ेगा।

सऊदी ने स्पष्ट किया है कि किंगडम अपनी सुरक्षा, इलाके की एकता, नागरिकों, निवासियों और जरूरी हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के अपने पूरे अधिकार को दोहराता है, जिसमें हमले का जवाब देने का विकल्प भी शामिल है।

दरअसल, मंगलवार सुबह रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन हमले किए गए। इस हमले में दूतावास की एक इमारत में हल्की आग लगी और थोड़ा नुकसान पहुंचा।

इस बीच, सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर उनका हमला 3-4 हफ्तों से अधिक तक चल सकता है। यह युद्ध शनिवार को इजरायल-यूएस के संयुक्त हमले से शुरू हुआ, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। अब ट्रंप ने कहा कि यह संघर्ष निर्धारित समय से "काफी हद तक" आगे बढ़ रहा है, और अमेरिका लंबे समय तक संघर्ष के लिए तैयार है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा, "शुरुआत से हमने चार से पांच सप्ताह का अनुमान (जंग चलने का) लगाया था, लेकिन हमारे पास इससे कहीं अधिक समय तक जाने की क्षमता है।"

Source: IANS

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