होर्मुज ट्रांजिट शुल्क पर ईरान से कोई बातचीत नहीं हुई, सरकार ने रिपोर्ट्स को बताया निराधार

नई दिल्ली, 6 अप्रैल। सरकार ने सोमवार को उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिसमें यह दावा किया गया था कि भारत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ट्रांजिट शुल्क को लेकर ईरान से बातचीत कर रहा है।

इस मुद्दे पर बोलते हुए, शिपिंग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवागमन के लिए किसी भी शुल्क के संबंध में ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं की है।

उन्होंने कहा, "सरकार को इस तरह के किसी भी घटनाक्रम की जानकारी नहीं है और क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच चिंताओं को दूर करने का प्रयास कर रही है।"

समुद्री गतिविधियों पर जानकारी देते हुए मंगल ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में संचालित 16 भारतीय जहाजों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

उन्होंने आगे कहा, “एलपीजी वाहक जहाज ग्रीन सानवी और ग्रीन आशा ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है और इनके क्रमशः 7 और 9 अप्रैल को भारत पहुंचने की उम्मीद है।”

दोनों जहाज क्रमशः 46,500 टन और 15,500 टन एलपीजी ले जा रहे हैं, जिससे ऊर्जा आपूर्ति में निरंतरता सुनिश्चित होगी।

ऊर्जा क्षेत्र पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में बीते पांच हफ्तों में करीब 18 करोड़ एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए हैं और करीब 50 लाख एलपीजी सिलेंडर को प्रतिदिन घरों तक पहुंचाया जा रहा है।

वहीं, विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (खाड़ी क्षेत्र) असीम आर. महाजन ने बताया कि क्षेत्र में बदलती भू-राजनीतिक स्थिति के मद्देनजर 28 फरवरी से अब तक लगभग 73 लाख भारतीय देश लौट चुके हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि यात्रा को सुगम बनाने के लिए कतर एयरवेज सोमवार को भारत के लिए आठ से दस उड़ानें संचालित कर रही है।

Source: IANS

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