ईरानी नागरिकों के लिए नेपाल ने वीज़ा-ऑन-अराइवल सुविधा रोकी

काठमांडू, 13 मार्च। पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच नेपाल सरकार ने ईरानी नागरिकों के लिए वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा रोकने का फैसला किया है। नेपाल के आव्रजन विभाग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

विभाग के महानिदेशक रामचंद्र तिवारी ने आईएएनएस से कहा कि यह कदम क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण ईरानी नागरिकों की संभावित बढ़ती आवाजाही को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने कहा कि संघर्ष प्रभावित अन्य देशों के लिए भी इसी तरह की नीतियां अपनाई जाती रही हैं।

तिवारी ने बताया कि विभाग की सिफारिश पर नेपाल के गृह मंत्रालय ने ईरानी नागरिकों को वीजा-ऑन-अराइवल सुविधा बंद करने का निर्णय लिया है। यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है, क्योंकि खुली सीमा के कारण ईरानी नागरिकों के भारत के रास्ते नेपाल में प्रवेश की आशंका भी जताई गई है।

नई व्यवस्था के तहत अब आधिकारिक और कूटनीतिक पासपोर्ट धारकों को छोड़कर सभी ईरानी नागरिकों को नेपाल आने से पहले विदेश में स्थित नेपाली दूतावास या कूटनीतिक मिशन से वीज़ा लेना अनिवार्य होगा। इस फैसले के साथ नेपाल में वीज़ा-ऑन-अराइवल की सुविधा से वंचित देशों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।

इन देशों और क्षेत्रों में नाइजीरिया, घाना, जिम्बाब्वे, स्वाज़ीलैंड, कैमरून, सोमालिया, लाइबेरिया, इथियोपिया, इराक, फिलिस्तीन, अफगानिस्तान और सीरिया शामिल हैं।

नेपाल सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि शरणार्थी दर्जे वाले यात्रा दस्तावेज़ लेकर आने वाले व्यक्तियों को भी देश में प्रवेश से पहले किसी नेपाली कूटनीतिक मिशन से वीज़ा प्राप्त करना होगा।

दरअसल, नेपाल को आशंका है कि विदेशी नागरिक देश में आकर शरणार्थी दर्जा लेने की कोशिश कर सकते हैं। पहले भी म्यांमार की सेना के अभियान के कारण सैकड़ों रोहिंग्या शरणार्थी नेपाल पहुंचे थे। इसके अलावा, 1990 के दशक की शुरुआत से नेपाल ने दो दशकों तक एक लाख से अधिक भूटानी शरणार्थियों को शरण दी थी, जिन्हें बाद में कई पश्चिमी देशों में पुनर्वासित किया गया।

जब तिवारी से पूछा गया कि क्या यह फैसला अमेरिका की सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखकर लिया गया है, तो उन्होंने इससे इनकार किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से ईरानी नागरिकों को लेकर किसी संभावित खतरे के संबंध में नेपाल को कोई आधिकारिक कूटनीतिक सूचना नहीं मिली है।

Source: IANS

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