ब्रिक्‍स बैठक से दुनिया को ज्यादा स्थिर और न्यायपूर्ण रास्ता मिलेगा:

नई दिल्ली, 14 मई । विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को भरोसा जताया कि नई दिल्ली में चल रही ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हुई चर्चाएं दुनिया को ज्यादा स्थिर, न्यायसंगत और सबको साथ लेकर चलने वाली व्यवस्था बनाने में मदद करेंगी।

नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में पहुंचे विदेशी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए जयशंकर ने कहा कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब दुनिया लगातार ज्यादा जटिल और अनिश्चित होती जा रही है। इसका सबसे ज्यादा असर उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों पर पड़ रहा है।

उन्होंने ऊर्जा, खाद्य, उर्वरक और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ज्यादा प्रभावी कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षित और बिना रुकावट समुद्री आवाजाही बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था जुड़ी हुई है।

जयशंकर ने भरोसेमंद सप्लाई चेन और विविध बाजारों की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि आर्थिक मजबूती बनी रहे।

उन्होंने कहा कि अच्छी शासन व्यवस्था और सबको साथ लेकर विकास के लिए तकनीक का सही इस्तेमाल जरूरी है। साथ ही, भरोसे, पारदर्शिता और तकनीक तक बराबर पहुंच से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान देना होगा।

विदेश मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का समाधान बातचीत, कूटनीति और आतंकवाद के खिलाफ मजबूत सहयोग से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया।

जयशंकर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर लिखा, “भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का फोकस मजबूती, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास पर है। हमें भरोसा है कि ब्रिक्स इंडिया 2026 की चर्चाएं दुनिया को ज्यादा स्थिर, न्यायपूर्ण और समावेशी बनाने में मदद करेंगी।”

ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक गुरुवार को नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में शुरू हुई। इस अहम बैठक की अध्यक्षता जयशंकर कर रहे हैं, जिसमें ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों के विदेश मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

यह बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत पहला बड़ा मंत्रीस्तरीय कार्यक्रम है और माना जा रहा है कि इससे इस साल होने वाले ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन का एजेंडा तय करने में अहम भूमिका निभेगी।

भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। इसकी थीम है “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, को-ऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” यानी मजबूती, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास के लिए काम करना। यह सोच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 2025 में रियो डी जेनेरियो में हुए 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दिए गए “लोगों को केंद्र में रखने और मानवता पहले” के दृष्टिकोण पर आधारित है।

Source: IANS

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