जी7 समिट में पीएम मोदी ने की 'इंटरनेशनल मोबिलाइजेशन पार्टनरशिप' बनाने की अपील

एवियन (फ्रांस), 17 जून । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी7 समिट में वैश्विक एकजुटता को मजबूत करने की बात कही। बुधवार को उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण ईंधन, उर्वरक और खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधाएं पैदा हो रही हैं, जिसका असर लंबे समय तक वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) पर पड़ता रहेगा।

फ्रांस के एवियन में आयोजित ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) शिखर सम्मेलन के ‘संतुलित, साझा और सतत आर्थिक विकास’ विषय पर आउटरीच सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास का वास्तविक सवाल यह नहीं है कि जीडीपी कितनी है, बल्कि यह है कि विकास किसके लिए, किसके साथ और किस दिशा में हो रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा समावेशिता, पैमाने और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण पर आधारित है, जो “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के सिद्धांत से प्रेरित है। उन्होंने यह भी कहा कि यह दृष्टिकोण भारत की जी20 अध्यक्षता और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) जैसी पहलों में दिखाई देता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं प्रभावित हो रही हैं, और ऐसे समय में कमजोर देशों को अकेले इन झटकों का बोझ नहीं उठाना चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से विकासशील देशों को आर्थिक झटकों से बचाने के लिए मजबूत सहायता तंत्र विकसित करने की अपील की।

उन्होंने यह भी कहा कि कई देश वृद्ध होती आबादी का सामना कर रहे हैं, जबकि भारत और वैश्विक दक्षिण के देशों के पास युवा प्रतिभा और कौशल की बड़ी ताकत है। इस संतुलन का लाभ उठाने के लिए उन्होंने “ग्लोबल स्किल्स पार्टनरशिप” की आवश्यकता बताई।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जी7 पूंजी, भारत की प्रतिभा और वैश्विक दक्षिण के देशों की भागीदारी को मिलाकर एक 'अंतरराष्ट्रीय मोबिलाइजेशन पार्टनरशिप फॉर एक्सेलेरेटिंग कनेक्टिविटी एंड ट्रेड'(आईएमपीसीएटी यानी इम्पैक्ट) जैसी पहल पर भी विचार किया जा सकता है।

सत्र से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात की, जिनमें इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की कार्यकारी निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जिवा शामिल हुए।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement