दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति भारत के लिए रवाना, सोमवार को पीएम मोदी के साथ करेंगे शिखर वार्ता
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग रविवार को भारत के लिए रवाना हुए। दो देशों के दौरे में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति भारत के बाद शिखर वार्ता के लिए वियतनाम भी जाएंगे।
सोल, 19 अप्रैल । दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग रविवार को भारत के लिए रवाना हुए। दो देशों के दौरे में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति भारत के बाद शिखर वार्ता के लिए वियतनाम भी जाएंगे। इस यात्रा में मिडिल ईस्ट में युद्ध से पैदा हुई ग्लोबल एनर्जी मार्केट की अनिश्चितताओं के बीच सप्लाई चेन को स्थिर करने पर ध्यान दिया जा सकता है।
ली आज नई दिल्ली पहुंचेंगे और सोमवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करेंगे। योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, पिछले साल जी7 और जी20 शिखर सम्मेलनों के दौरान हुई बातचीत के बाद यह उनकी तीसरी आमने-सामने की बैठक होगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वाई सुंग-लैक ने गुरुवार को कहा कि समिट में शिपबिल्डिंग, मैरीटाइम इंडस्ट्री, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिफेंस जैसे क्षेत्र में आर्थिक सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ मिडिल ईस्ट की स्थिति से जुड़ी एनर्जी सप्लाई चेन की अनिश्चितताओं पर कोऑर्डिनेट करने पर फोकस रहने की उम्मीद है।
वह भारत में कोरियाई कंपनियों के ऑपरेशन का समर्थन करने और नए मौके तलाशने के लिए एक बिजनेस फोरम में भी शामिल हो सकते हैं। भारत कोरियाई इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमेकर्स के लिए एक अहम प्रोडक्शन हब और बड़ा कंज्यूमर मार्केट है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग मंगलवार को हनोई (वियतनाम) के सरकारी दौरे पर जाएंगे और बुधवार को वियतनाम के राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल सेक्रेटरी टो लैम के साथ बातचीत करेंगे। इस बातचीत में एनर्जी सप्लाई चेन और जरूरी मिनरल्स पर सहयोग एजेंडा में सबसे ऊपर रहने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति ली पहली बार वियतनाम के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। इस महीने की शुरुआत में टो लैम को वियतनाम का राष्ट्रपति चुना गया। नई सरकार के गठन के बाद किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का ये पहला दौरा होगा।
अगले दिन, ली वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग और नेशनल असेंबली के चेयरमैन ट्रान थान मान से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए एक बिजनेस फोरम में शामिल होंगे।
इस यात्रा के दौरान ली तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के साथ रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने और दक्षिण कोरिया की कूटनीतिक पहुंच को बढ़ाने की कोशिश करेंगे।
Source: IANS