अक्टूबर में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा अमेरिका,

वाशिंगटन, 19 मई । संयुक्त राज्य अमेरिका 30-31 अक्टूबर को जॉर्जिया के अटलांटा शहर में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। यह घोषणा सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वाशिंगटन इस साल होने वाले कई बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की तैयारी तेज कर रहा है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि इस बैठक में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के विदेश मंत्री शामिल होंगे। इसका उद्देश्य जी20 के मुख्य मिशन को आगे बढ़ाना है, यानी वैश्विक स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देना।

बयान के अनुसार, बातचीत में वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने और 'खुले बाजारों' तथा 'मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन' को समर्थन देने जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा।

यह घोषणा ऐसे समय आई है जब अमेरिका दिसंबर में होने वाले जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी की भी तैयारी कर रहा है, जिसकी मेजबानी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे।

विदेश विभाग ने कहा कि अटलांटा को इसलिए चुना गया है क्योंकि यह 'कूटनीति, व्यापार और वैश्विक जुड़ाव का एक प्रमुख केंद्र' है, और इसलिए यह इस तरह की अहम चर्चाओं के लिए एक उपयुक्त जगह है।

मीडिया नोट में यह भी बताया गया कि राष्ट्रपति ट्रंप 14-15 दिसंबर को फ्लोरिडा के मियामी स्थित ट्रंप नेशनल डोरल में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे।

यह शिखर सम्मेलन अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के समारोहों के साथ भी जुड़ा होगा।

विदेश विभाग ने अभी तक बैठक के एजेंडे, शामिल होने वाले देशों के प्रतिनिधिमंडलों या अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकों की पूरी जानकारी जारी नहीं की है।

भारत, जो जी20 का एक अहम सदस्य है और अमेरिका का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार भी है, इन चर्चाओं पर करीबी नजर रखेगा। खासकर वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन की मजबूती और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर। भारत लगातार बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार, ग्लोबल साउथ की ज्यादा भागीदारी और सेमीकंडक्टर तथा महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में सुरक्षित सप्लाई चेन की मांग करता रहा है।

जी20 में अमेरिका, भारत, चीन, रूस, जापान, जर्मनी, फ्रांस, ब्राजील, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ जैसे बड़े अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। यह समूह मिलकर दुनिया की लगभग 85 प्रतिशत जीडीपी और करीब दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करता है।

हाल के वर्षों में जी20 की बैठकों में आर्थिक मजबूती, ऊर्जा सुरक्षा, सप्लाई चेन में विविधता, जलवायु वित्त और नई तकनीकों जैसे मुद्दों पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। इसके साथ ही यह मंच वैश्विक तनावों और बदलते आर्थिक शक्ति संतुलन पर चर्चा का भी एक अहम मंच बन गया है।

Source: IANS

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