इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष में राहत, युद्धविराम पर बनी सहमति
इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच युद्धविराम पर सहमति बन गई है। यह जानकारी शुक्रवार को इजरायली अधिकारियों के हवाले से दी गई।

यरूशलेम, 19 जून । इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच युद्धविराम पर सहमति बन गई है। यह जानकारी शुक्रवार को इजरायली अधिकारियों के हवाले से दी गई।
इजरायल के चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने कहा कि इजरायल दक्षिणी लेबनान में बने 'सिक्योरिटी जोन' में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगा। अगर वे हम पर हमला करेंगे तो हम जवाब देंगे।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, हिज्बुल्लाह के पार्लियामेंट्री गुट 'लॉयल्टी टू द रेजिस्टेंस' के सदस्य इब्राहिम अल-मौसावी ने शुक्रवार को कहा कि उनका संगठन युद्धविराम समझौते का पालन करता रहेगा, बशर्ते इजरायल भी इसकी शर्तों का सम्मान करे।
इससे पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी थी कि इजरायल अपने सैनिकों या अपने क्षेत्र पर होने वाले हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि गुरुवार को लेबनान में चार सैनिकों की मौत के लिए हिज्बुल्लाह को 'बहुत भारी कीमत' चुकानी पड़ेगी।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी बयान के अनुसार, नेतन्याहू ने कहा, "मैं आर्मर्ड कॉर्प्स की 52वीं बटालियन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल और तीन अन्य बहादुर सैनिकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। मैं कल हुई गोलीबारी में घायल हुए लोगों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना करता हूं।"
उन्होंने आगे कहा, "हिज्बुल्लाह की ओर से किया गया यह घातक हमला युद्धविराम का खुला उल्लंघन है। इसके बाद मैंने कल रात इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) को हिज्बुल्लाह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।"
उनके अनुसार, आईडीएफ ने 80 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया और दर्जनों लड़ाकों को मार गिराया। इसके बाद शुक्रवार सुबह आईडीएफ ने बेका घाटी में हिज्बुल्लाह के कमांड केंद्रों पर भी हमला किया।
नेतन्याहू ने रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख के साथ स्थिति की समीक्षा भी की।
उन्होंने कहा कि मेरा निर्देश बिल्कुल स्पष्ट है। इजराइल अपने सैनिकों या अपनी भूमि पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसे हमलों के लिए हिज्बुल्लाह को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
Source: IANS

