पूर्व राष्ट्रपति शाहाबुद्दीन की गिरफ्तारी का कोई आधार नहीं: बांग्लादेश के गृह मंत्री
मोहम्मद शाहाबुद्दीन ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 24 जुलाई को इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि, इसका कारण वर्तमान सरकार का दबाव इसके पीछे का मुख्य कारण बताया गया।

ढाका, 26 जुलाई । मोहम्मद शाहाबुद्दीन ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 24 जुलाई को इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि, इसका कारण वर्तमान सरकार का दबाव इसके पीछे का मुख्य कारण बताया गया। चर्चा उनके पूर्व पीएम शेख हसीना से मुलाकात को लेकर भी थी। इस्तीफे के बाद उनके भविष्य को लेकर सियासी अटकलें लगाई जाने लगीं। प्रदर्शनों का दौर जारी है और पूछा जाने लगा है कि क्या उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई होगी? रविवार को गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उन पर ऐसा कोई मामला नहीं बनता है।
बांग्लादेश की न्यूज एजेंसी यूएनबी ने बताया कि सचिवालय में पुलिसकर्मियों को वीरता और उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित करने के कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में गृह मंत्री ने कहा, "ऐसा कोई आधार नहीं है, जिसके चलते पूर्व राष्ट्रपति को गिरफ्तार किया जाए। उन्हें कानून के अनुसार मिलने वाली सभी सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान की जाएगी।"
उन्होंने बताया कि शाहाबुद्दीन को छह महीने तक स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) और प्रेसिडेंशियल गार्ड रेजिमेंट (पीजीआर) की सुरक्षा मिलेगी। इसके अलावा पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी कानून के मुताबिक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी।
पूर्व राष्ट्रपति की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों पर गृह मंत्री ने कहा कि लोगों को अपनी राय रखने और विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। हालांकि, सरकार को अब तक ऐसा कोई तथ्य या बयान नहीं मिला है, जिस पर कार्रवाई की आवश्यकता हो।
सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि शाहाबुद्दीन ने अपने कार्यकाल के दौरान संविधान के अनुरूप राष्ट्रपति की जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने तत्कालीन सरकार के अंतिम चरण, अंतरिम सरकार और मौजूदा सरकार तीनों के दौरान संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन किया और सरकार को उनका सहयोग मिला।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति पद पर रहते हुए शाहाबुद्दीन को संविधान के तहत कानूनी संरक्षण प्राप्त था। यदि उनके आधिकारिक दायित्वों से इतर किसी अवधि से जुड़ा कोई आरोप सामने आता है, तो उस पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व राष्ट्रपति से जुड़ी कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग के सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने इसके बारे में केवल अखबारों में पढ़ा है और सरकार के पास ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, "आज के इंटरनेट युग में यह मानना कि किसी से बात करने के लिए लंदन जाना पड़े, मुझे यथार्थवादी नहीं लगता।"
Source: IANS

