बातचीत का सम्मान नहीं करता अमेरिका, युद्धविराम तोड़कर दिखाई अपनी मंशा: इब्राहिम अजीजी

नई द‍िल्‍ली, 27 जून । ईरान की इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के सदस्य इब्राहिम अजीजी ने कहा क‍ि बातचीत के बीच अमेरिका का हमला बताता है क‍ि युद्धविराम के सिद्धांतों का सम्मान नहीं करता। अजीजी ने दावा किया कि इस कदम पर अमेरिका को आखिरकार पीछे हटना पड़ेगा और पछताना भी पड़ेगा।

ईरान की इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के सदस्य इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर पोस्‍ट करते हुए कहा, ''एक बार फिर बातचीत के बीच अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उन्हें बातचीत और युद्धविराम के सिद्धांतों का कोई सम्मान नहीं है।''

इब्राहिम अजीजी ने कहा क‍ि यकीनन, अमेरिका की ओर से युद्धविराम का यह लापरवाही भरा उल्लंघन हमेशा की तरह आखिरकार उनके लिए पीछे हटने और पछताने की वजह बनेगा।

अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के ध्वज वाले एक वाणिज्यिक मालवाहक जहाज पर तेहरान के हमले के बाद, ईरानी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष विराम समझौते के बाद से यह वॉशिंगटन की पहली सैन्य कार्रवाई है।

यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि ईरान ने 25 जून को एम/वी एवर लवली को वन-वे अटैक ड्रोन से निशाना बनाया था, जिसके बाद हमलों में ईरानी मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइट्स के साथ-साथ तटीय रडार इंस्टॉलेशन को भी निशाना बनाया गया। जहाज ओमानी तट के साथ होर्मुज स्ट्रेट से बाहर निकल रहा था, जब उस पर हमला हुआ।

सेंटकॉम ने कहा क‍ि 26 जून को ईरान के खिलाफ हमले किए गए, जो होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर क‍िए गए हमले का जोरदार जवाब था।

सेंटकॉम ने बताया क‍ि 25 जून को ईरान की ओर से मालवाहक जहाज एम/वी एवर लवली पर वन-वे अटैक ड्रोन से हमला किया गया था। इसके बाद अमेरिकी सैन्य विमानों ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण ठिकानों के साथ-साथ तटीय रडार स्थलों को निशाना बनाया गया।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब तेहरान और वॉशिंगटन, फरवरी के आखिर में ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की ओर से शुरू किए गए युद्ध को रोकने के लिए युद्धविराम समझौते को अंतिम रूप देने की बातचीत कर रहे हैं। इस बातचीत का मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और देश पर लगे प्रतिबंधों को हटाने पर भी सहमति बनाना है।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement