बहरीन के कई इलाकों पर ड्रोन स्ट्राइक: विदेश मंत्रालय का दावा, 'ईरान ने किया हमला'
बहरीन के विदेश मंत्रालय ने शनिवार सुबह अपने क्षेत्र में हुए ड्रोन हमलों का जिम्मेदार ईरान को ठहराया है। मंत्रालय ने इसे बहरीन की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन, नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।

मनामा/कुवैत सिटी, 27 जून । बहरीन के विदेश मंत्रालय ने शनिवार सुबह अपने क्षेत्र में हुए ड्रोन हमलों का जिम्मेदार ईरान को ठहराया है। मंत्रालय ने इसे बहरीन की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन, नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। वहीं, कुवैत ने भी मनामा को निशाने पर लिए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की।
बयान में कहा गया कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम करने के प्रयास जारी हैं। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि ईरानी कार्रवाई शांति प्रयासों को कमजोर करती है और क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता को अस्थिर करने की नीति को दर्शाती है।
बहरीन ने कहा कि शांति भय के माध्यम से नहीं स्थापित की जा सकती और उसकी राष्ट्रीय एकता किसी भी तरह के खतरे से कमजोर नहीं होगी। मंत्रालय ने दोहराया कि देश अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार रखता है।
बयान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) का भी उल्लेख किया गया, जिसे खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों और जॉर्डन की ओर से प्रस्तुत किया गया था और 136 देशों का समर्थन प्राप्त हुआ था। बहरीन ने कहा कि ईरान की लगातार कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय इच्छा के खिलाफ सीधी चुनौती है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि ईरान ने 17 जून 2026 को हस्ताक्षरित “इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन” के तहत सैन्य कार्रवाई रोकने और क्षेत्रीय देशों की संप्रभुता का सम्मान करने का वादा किया था, लेकिन हालिया घटनाएं उसके इन दावों के विपरीत हैं।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने भी बहरीन पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। कुवैत ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया। बहरीन के प्रति पूर्ण एकजुटता व्यक्त करते हुए कुवैत ने कहा कि वह उसकी सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा के लिए उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करता है।
दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वह इस मामले में जिम्मेदारी निभाए और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता सुनिश्चित करे।
शनिवार सुबह ही ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि आईआरजीसी ने अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर अटैक किया है। उन्होंने इसे ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों पर हुए अमेरिकी हवाई हमलों का जवाब करार दिया था।
बयान में कहा, "अमेरिकी हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर और दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए हुए समझौते का उल्लंघन हैं।" हालांकि, ईरान ने यह नहीं बताया था कि किन ठिकानों पर हमला किया गया।
Source: IANS

