बतौर पीएम भारत दौरा रहा मेरे लिए सम्मान की बात, अब प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी को तैयार: अल्बनीज

कैनबरा, 28 मई । ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारत यात्रा को अपने राजनीतिक जीवन के सबसे खास अनुभवों में से एक बताया है। ऑस्ट्रेलियाई संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल्द ऑस्ट्रेलिया दौरे का भी संकेत दिया।

संसदीय संबोधन को भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ओएएम ने साझा किया। इसमें अल्बनीज ने भारत के साथ अपने पुराने रिश्तों और भारतीय समुदाय की भूमिका को लेकर दिल छू लेने वाली बातें साझा कीं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत की उनकी दो यात्राएं उनके लिए सम्मान की बात रही है, लेकिन भारत से उनका जुड़ाव इससे भी पुराना है।

अल्बनीज ने याद करते हुए बताया कि वह पहली बार साल 1991 में एक बैकपैकर (घुमंतू) के रूप में भारत पहुंचे थे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन दिनों उनका यात्रा करने का तरीका काफी अलग था।

उन्होंने कहा, “अगर आप भारत को सच में समझना चाहते हैं, तो बस या ट्रेन में सफर कीजिए। वहां लोगों की गर्मजोशी और अपनापन करीब से देखने को मिलता है। यह एक अद्भुत अनुभव है।”

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने यह भी पुष्टि की कि वह जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा की मेजबानी करेंगे। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सम्मान की बात होगी और वो दूसरी बार पीएम मोदी का स्वागत करने को लेकर उत्साहित हैं।

अल्बनीज ने ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि लगभग दस लाख भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय आज देश का सबसे तेजी से बढ़ता प्रवासी समुदाय है और उसने ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था और समाज को मजबूत बनाने में बड़ा योगदान दिया है।

उन्होंने कहा, “भारतीय समुदाय ने अपने मेहनत, उदारता और इस देश के प्रति प्रेम से ऑस्ट्रेलिया को बहुत कुछ दिया है। उनकी मेहनत और आकांक्षाओं ने हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है और समाज को और समृद्ध बनाया है।”

अल्बनीज ने आगे कहा, “भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है और इस दशक में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बनेगा। यह हमारे और पूरे क्षेत्र के लिए एक असाधारण अवसर है।”

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने भारत के साथ बढ़ती साझेदारी पर जोर देते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया सिर्फ प्रशांत महासागर का ही नहीं बल्कि हिंद महासागर का भी देश है। ऐसे में भारत के साथ मजबूत संबंध दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ईसीटीए) का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे व्यापारिक रिश्ते और मजबूत हुए हैं। इसके अलावा शिक्षा, संस्कृति और क्रिकेट जैसे साझा जुड़ाव भी दोनों देशों को करीब ला रहे हैं।

Source: IANS

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