साइप्रस मीटिंग में इटली के विदेश मंत्री बोले- होर्मुज को तुरंत खोलने पर दिया जा रहा ध्यान

निकोसिया, 28 मई । इटली और यूरोपीय संघ के अन्य देश युद्धग्रस्त यूक्रेन तथा संघर्ष प्रभावित मिडिल ईस्ट में शांति बहाल करने के प्रयासों को मजबूत करने में जुटे हैं। इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और स्वतंत्र नेविगेशन के लिए की जा रही कोशिशों का समर्थन किया।

इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ये देश होर्मुज स्ट्रेट को जल्द दोबारा खोलने और इस अहम समुद्री मार्ग में जहाजों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए किसी समझौते की दिशा में कोशिशों का समर्थन कर रहे हैं।

विदेश मंत्री तजानिया ने पोस्ट में लिखा, "लेमेसोस साइप्रस यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की (अनौपचारिक) मीटिंग यूक्रेन और मिडिल ईस्ट दोनों में शांति का रास्ता मजबूत करने के लिए।"

उन्होंने लिखा, "हम नेविगेशन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की आजादी की गारंटी के लिए होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत फिर से खोलने के लिए एक समझौते में मदद करने के लिए काम कर रहे हैं।"

इटली की अदनक्रोनोस न्यूज एजेंसी ने बताया कि पोस्ट में आगे लिखा है, "भारत के डॉ. एस जयशंकर और सऊदी अरब के फैसल बिन फरहान जैसे रणनीतिक साझेदार भी हमारे साथ जुड़ रहे हैं।"

विदेश मंत्री ने आखिर में लिखा, "उनके साथ, आईएमईसी (भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर) के जरिए भी, हम इटैलियन एक्सपोर्ट बढ़ाते हैं, जिससे आर्थिक विकास और नौकरियां बढ़ती हैं।"

इटली के विदेश मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, गुरुवार की मीटिंग मिडिल ईस्ट और खाड़ी, इसका ग्लोबल असर और इसके सैन्य और आर्थिक प्रभाव, साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच 12 हफ्ते से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत की प्रक्रिया में मदद के लिए मिले-जुले समाधान और होर्मुज स्ट्रेट के जरिए नेविगेशन की आजादी की पूरी तरह से बहाली पर केंद्रित था।

बयान में आगे कहा गया कि गुरुवार की तथाकथित 'जिमनिच' मीटिंग लेबनान में ईरान समर्थक मिलिटेंट ग्रुप हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल के युद्ध और (कब्जे वाले) फिलिस्तीनी इलाकों (गाजा और वेस्ट बैंक) की स्थिति की समीक्षा करने का "एक मौका देगी।"

ईयू और अमेरिका समेत साझेदारों ने 2023 में आईएमईसी प्रोजेक्ट के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसका मकसद भारत को अरब की खाड़ी से और अरब की खाड़ी को यूरोप से जहाज और रेल के जरिए जोड़ना है।

भारत में 2023 जी20 समिट के दौरान घोषित किए गए इस बड़े आईएमईसी प्रोजेक्ट को चीन के बेल्ट एंड रोड ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान के मुकाबले का माना जा रहा था, लेकिन बड़ी भू-राजनीतिक और वित्तीय रुकावटों की वजह से इसमें देरी हो रही है।

पिछले हफ्ते रोम में हुई बातचीत में, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईएमईसी को आगे बढ़ाने और तेज करने पर जोर दिया। यह दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाने और डिप्लोमैटिक और व्यापार संबंधों को मजबूत करने की कोशिशों का हिस्सा था, जिससे दोनों देशों के बीच का संबंध एक खास रणनीतिक साझेदारी जैसा बन गया।

Source: IANS

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