अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ने 'बेल्ट एंड रोड' पहल के महत्व की नई समझ की वकालत की
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव और समुद्री परिवहन मार्गों पर बढ़ते सुरक्षा जोखिमों के बीच अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चीन की ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

बीजिंग, 30 अप्रैल। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव और समुद्री परिवहन मार्गों पर बढ़ते सुरक्षा जोखिमों के बीच अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चीन की ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। कई वैश्विक मीडिया संस्थानों ने चीन द्वारा वित्त पोषित बंदरगाहों और चीन-यूरोप रेल मालगाड़ियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है।
श्रीलंका के ‘डेली मिरर’ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मध्य पूर्व के संघर्ष के प्रभाव के चलते श्रीलंका के हंबनटोटा अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह पर गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। यह बंदरगाह ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल के तहत चीन और श्रीलंका के बीच एक प्रमुख सहयोग परियोजना है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में इस बंदरगाह पर 20.1 लाख टन से अधिक माल ढुलाई दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 47 प्रतिशत अधिक है।
इसी तरह, तुर्किये की ‘मिडिल कॉरिडोर’ परियोजना को भी वैश्विक सप्लाई चेन के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। यह मार्ग मध्य एशिया, कैस्पियन सागर, अजरबैजान, जॉर्जिया और तुर्किये से होकर गुजरता है और चीन की बेल्ट एंड रोड पहल से जुड़कर यूरोप और एशिया के बीच माल ढुलाई समय को कम करता है। अमेरिकी पत्रिका ‘द डिप्लोमैट’ ने अपने लेख में इसे अब एक विकल्प नहीं बल्कि यूरेशियन कनेक्टिविटी का अनिवार्य हिस्सा बताया है।
स्पेन के ‘ऑब्जर्वेटोरियो डे ला पोलिटिका चाइना’ में प्रकाशित लेख में कहा गया है कि यह पहल बुनियादी ढांचे, व्यापार और उत्पादन सहयोग के एक व्यापक नेटवर्क के रूप में उभर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, परामर्श, संयुक्त निर्माण और साझा लाभ पर आधारित यह मॉडल देशों के बीच सहयोग को मजबूत करता है और वैश्विक आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देता है।
Source: IANS

