होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका का रुख सख्त, ईरान को दी खुली चेतावनी

वॉशिंगटन, 31 मार्च। अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने मंगलवार को कहा कि वॉशिंगटन पहले ही ऐसे कदम उठा चुका है, जिससे होर्मुज स्‍ट्रेट को चालू रखा जा सके, भले ही ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी हो।

पीट हेगसेथ ने कहा कि‍ आज वहां पहले की तुलना में कहीं ज्यादा जहाज गुजर रहे हैं। अमेरिका ने ईरान को साफ कर दिया है कि इसे व्यापार के लिए खुला रखें, वरना, हमारे पास दूसरे विकल्प भी हैं।

उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज “एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग” है और इसे केवल अमेरिका की जिम्मेदारी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। दुनिया को ध्यान देना चाहिए क‍ि यह सिर्फ यूनाइटेड स्टेट्स नेवी की जिम्मेदारी नहीं है। अन्य देशों को भी समुद्री यातायात की सुरक्षा में योगदान देने के लिए तैयार रहना चाहिए।

हेगसेथ ने व्यापक सैन्य प्रयासों का भी जिक्र किया, जिसमें ईरान की नौसैनिक क्षमताओं जैसे माइन बिछाने वाली प्रणालियां, तटीय क्रूज मिसाइलें और मानव रहित हवाई प्रणालियां (ड्रोन) को निशाना बनाना शामिल है।

उन्होंने कहा कि‍ हम शुरुआत से ही इन क्षमताओं को कमजोर और खत्म करने तथा उनके विकल्पों को सीमित करने पर ध्यान दे रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया कि जलमार्ग की सुरक्षा के लिए खुली और गुप्त दोनों तरह की रणनीतियां लागू की जा रही हैं। हम बहुत कुछ कर रहे हैं। कुछ ऐसा जो ज्ञात है और कुछ ऐसा जो ज्ञात नहीं है, ताकि हालात को अनुकूल बनाया जा सके।

पेंटागन का जिम्मेदारी बांटने पर जोर इस बात को दर्शाता है कि सहयोगी देशों से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों की सुरक्षा में भागीदारी की मांग बढ़ रही है। खासकर ऐसे समय में जब ईरान के साथ तनाव से व्यापारिक जहाजों पर खतरा बढ़ गया है।

होर्मुज स्‍ट्रेट जो पर्शियन गल्फ को वैश्विक बाजारों से जोड़ता है, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। इसमें किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर पड़ सकता है।

अमेरिका ने बार-बार चेतावनी दी है कि होर्मुज स्‍ट्रेट को लेकर किसी भी तरह का खतरा कड़ी प्रतिक्रिया को जन्म देगा, जो वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री स्थिरता में इसकी अहम भूमिका को रेखांकित करता है।

Source: IANS

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