दुनिया - पेज 102
अमेरिकी सीनेट की ओर से ईरान पर 'वॉर पावर्स रिजॉल्यूशन' (युद्ध संबंधी अधिकारों का प्रस्ताव) पारित किया गया है, जिसके तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान में और सैन्य कार्रवाई करने से रोका गया है।।
ईरान के मौजूदा हालातों के मद्देनजर भारतीय दूतावास ने अपने देश के नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें हाल के सुधारों के बावजूद भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने इसे हॉर्मुज स्ट्रेट में तनाव समाप्त करने वाले एक ऐतिहासिक शांति समझौते का हिस्सा बताया।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान के साथ शांति प्रस्ताव को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अमेरिका अपने खाड़ी सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान के साथ शांति के लिए एक रूपरेखा को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ पर आधारित अपनी व्यापार नीतियों का बचाव किया है। उन्होंने पेंसिल्वेनिया में ट्रक बनाने वाली फैक्ट्री के कर्मचारियों से कहा कि इंपोर्ट ड्यूटी से अमेरिकी उद्योग को फिर से मजबूती मिल रही है और कंपनियों को अमेरिका में फैक्ट्रियां लगाने के लिए बढ़ावा मिल रहा है।
अमेरिकी संसद के डेमोक्रेट सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगाया है कि उन्होंने विदेशी वित्तीय हितों को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में दखल देने की इजाजत दी। उनका दावा है कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ट्रंप परिवार के क्रिप्टोकरेंसी व्यवसाय में भारी निवेश करने के बाद प्रशासन से कई अनुकूल फैसले हासिल किए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान परमाणु कार्यक्रम पर उच्चतम स्तर की जांच के लिए राजी हो गया है। ट्रंप ने कहा कि इसी वजह से होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा और ईरान को मानवीय सहायता के लिए सीमित आर्थिक राहत दी जाएगी।
कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी गैस संयंत्र में हुए धमाके ने 12 भारतीय नागरिकों की जान ले ली। भारत ने दुर्घटना पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से पार्थिव शरीर को भारत लाने का प्रयास किया जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मध्य पूर्व संघर्ष से पैदा हुई दिक्कतों को दुनिया के लिए बड़ा झटका करार दिया। उन्होंने कहा है कि इसने अब तक के सबसे बड़े ऊर्जा झटके को जन्म दिया है।
इंगा रुगिनिएने ने नौ महीने से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बाद मंगलवार को लिथुआनिया के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। स्थानीय मीडिया ने बताया कि निवर्तमान कैबिनेट ने मंगलवार को अपनी आखिरी बैठक की, जिसमें मंत्रियों ने सर्वसम्मति से अपने इस्तीफे के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
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