उतार-चढ़ाव के बावजूद अप्रैल में भारतीय शेयर बाजार ने दिखाया दम, सेंसेक्स-निफ्टी ने दिए 5 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न; मजबूत रिकवरी से निवेशकों को राहत
अप्रैल 2026 भारतीय शेयर बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा जरूर रहा, लेकिन पूरे महीने के प्रदर्शन को देखें तो बाजार ने मजबूत वापसी कर निवेशकों को राहत दी। महीने की शुरुआत जहां तेजी के साथ हुई, वहीं आखिरी दिनों में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण घरेलू बाजार में गिरावट देखने को मिली।
मुंबई, 1 मई । अप्रैल 2026 भारतीय शेयर बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा जरूर रहा, लेकिन पूरे महीने के प्रदर्शन को देखें तो बाजार ने मजबूत वापसी कर निवेशकों को राहत दी। महीने की शुरुआत जहां तेजी के साथ हुई, वहीं आखिरी दिनों में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण घरेलू बाजार में गिरावट देखने को मिली।
महीने के आखिरी कारोबारी दिन गुरुवार यानी 30 अप्रैल 2026 को बीएसई सेंसेक्स 582.86 अंकों यानी 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,913.50 पर बंद हुआ, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 180.10 (0.74 प्रतिशत) अंक गिरकर 23,997.55 पर आ गया। हालांकि, इस गिरावट के बावजूद पूरे अप्रैल में बाजार ने अच्छा रिटर्न दिया, जो निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
अप्रैल में बेंचमार्क सूचकांकों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई, जिसमें 30 शेयरों वाले बीएसई सेंसेक्स ने 5.17 प्रतिशत और 50 शेयरों वाले निफ्टी ने 5.81 प्रतिशत का रिटर्न दिया, जो दिसंबर 2023 के बाद का सबसे शानदार प्रदर्शन है।
यह तेजी खास इसलिए भी मानी जा रही है क्योंकि मार्च 2026 में बाजार में भारी गिरावट आई थी। उस गिरावट के बाद अप्रैल में बाजार ने जोरदार रिकवरी दिखाई, जिससे निवेशकों का भरोसा फिर मजबूत हुआ।
अप्रैल में बड़ी कंपनियों के साथ-साथ छोटे और मिडकैप शेयरों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 20 प्रतिशत और मिडकैप इंडेक्स में लगभग 14 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
इसी तरह निफ्टी मिडकैप 100 में 13.6 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 18.4 प्रतिशत की उछाल आई, जो पिछले कई सालों का बेहतरीन प्रदर्शन है। इससे साफ है कि बाजार में व्यापक स्तर पर तेजी देखने को मिली।
अप्रैल के दौरान भारतीय शेयर बाजार का कुल मार्केट कैप करीब 51 ट्रिलियन रुपए बढ़कर 463.3 ट्रिलियन रुपए पहुंच गया, जो अब तक की सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी है। यह उछाल मार्च में आई भारी गिरावट के बाद आया है, जिससे निवेशकों की बड़ी भरपाई हुई है।
हालांकि, बाजार अभी भी अपने ऑल-टाइम हाई से थोड़ा नीचे है, लेकिन जिस तेजी से रिकवरी हुई है, वह भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत देती है।
एक तरफ जहां घरेलू बाजार में तेजी देखने को मिली, वहीं विदेशी निवेशकों (एफपीआई) ने अप्रैल में भी बिकवाली जारी रखी और करीब 60,847 करोड़ रुपए निकाल लिए। 2026 के पहले चार महीनों में कुल निकासी बढ़कर 1.92 ट्रिलियन रुपए हो गई है, जो पिछले साल से भी ज्यादा है।
इसके बावजूद बाजार का मजबूत बने रहना यह दिखाता है कि घरेलू निवेशकों की भागीदारी बढ़ रही है और बाजार की नींव मजबूत हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और भू-राजनीतिक तनाव के कारण बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, मजबूत घरेलू संकेतकों और निवेशकों के बढ़ते भरोसे के चलते भारतीय बाजार लंबी अवधि में सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकता है।
Source: IANS