पीएम मोदी और जापान की प्रधानमंत्री ने हरियाणा में मारुति सुजुकी इंडिया के मेगा प्लांट का किया उद्घाटन; 35,000 करोड़ रुपए का होगा निवेश

नई दिल्ली, 2 जुलाई । मारुति सुजुकी इंडिया ने गुरुवार को हरियाणा के आईएमटी खरखौदा में अपनी सबसे आधुनिक वाहन निर्माण इकाई का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस प्लांट को राष्ट्र को समर्पित किया।

करीब 800 एकड़ में फैले इस एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स को आधुनिक सप्लायर पार्क के साथ विकसित किया गया है। पूरी तरह तैयार होने के बाद यह दुनिया की सबसे बड़ी वाहन निर्माण इकाइयों में शामिल होगा।

फिलहाल इस संयंत्र में प्रति वर्ष 5 लाख वाहनों के उत्पादन की क्षमता के साथ उत्पादन शुरू हो गया है। अगले चरण में इसकी क्षमता बढ़ाकर 10 लाख वाहन प्रतिवर्ष की जाएगी। कंपनी इस परियोजना में कुल 35,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। परियोजना पूरी होने पर यहां 21,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।

खरखौदा प्लांट को सुजुकी के 'स्मार्ट फैक्ट्री' कॉन्सेप्ट के तहत विकसित किया गया है, जिसमें इंडस्ट्री 5.0 तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, जिसका उद्देश्य उत्पादन की गुणवत्ता, सुरक्षा और उत्पादकता को बेहतर बनाना है। संयंत्र में सौर ऊर्जा, बायोगैस, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली और हरित ऊर्जा जैसी टिकाऊ तकनीकों को भी शामिल किया गया है। इसकी पूरी बिजली आवश्यकता नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरी की जाएगी।

यह उद्घाटन भारत में मारुति सुजुकी की चार दशक से अधिक की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। साथ ही यह भारत और जापान के बीच रणनीतिक आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने वाला कदम भी है।

पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने के बाद खरखौदा संयंत्र मारुति सुजुकी के हर साल 40 लाख वाहन उत्पादन क्षमता हासिल करने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सुजुकी समूह के लिए इस परियोजना को ऐतिहासिक बताते हुए तोशिहिरो सुजुकी ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि कंपनी की सबसे आधुनिक निर्माण इकाई का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 5 लाख वाहनों की क्षमता वाले इस संयंत्र को आगे बढ़ाकर 10 लाख वाहन प्रतिवर्ष की क्षमता तक पहुंचाया जाएगा, जिससे यह दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल निर्माण इकाइयों में शामिल हो जाएगा।

उन्होंने इस परियोजना को भारत-जापान साझेदारी और 'मेक इन इंडिया' पहल की सफलता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा तैयार किए गए अनुकूल नीतिगत माहौल के कारण सुजुकी भारत में निवेश, रोजगार सृजन, निर्यात और तकनीकी विकास को तेजी से आगे बढ़ा रही है।

भारत की बढ़ती अहमियत पर जोर देते हुए तोशिहिरो सुजुकी ने कहा कि सुजुकी समूह की पहली बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन ई-विटारा का निर्माण विशेष रूप से मारुति सुजुकी के गुजरात स्थित संयंत्र में किया जा रहा है, जहां से इस इलेक्ट्रिक एसयूवी का निर्यात दुनिया के 100 देशों में किया जाएगा।

Source: IANS

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