दशक भर के आर्थिक सुधारों का नतीजा है 7.7 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ, भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था: पीयूष गोयल

नई दिल्ली, 8 जून । केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत की 7.7 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर सरकार द्वारा पिछले एक दशक में किए गए लगातार नीतिगत हस्तक्षेपों और आर्थिक सुधारों का परिणाम है। इन्हीं सुधारों की बदौलत भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

गोयल ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि आपमें से किसी ने कल्पना की होगी कि बीता वित्त वर्ष 7.7 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि के साथ समाप्त होगा। यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि एक दशक के संरचनात्मक सुधारों का नतीजा है।"

मंत्री ने देश भर में निवेश के लिए तैयार 100 औद्योगिक पार्कों के विकास को तेज करने के उद्देश्य से भव्य पोर्टल लॉन्च किया। इससे पहले 23 मई को उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए थे।

इस योजना के तहत वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक छह वर्षों में लगभग 33,660 करोड़ रुपए के कुल वित्तीय प्रावधान के साथ 100 औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे।

योजना के पहले चरण में चुनौती-आधारित प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के माध्यम से 50 तक औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। 31 जुलाई तक प्राप्त आवेदनों में से 20 औद्योगिक पार्क चुने जाएंगे, जबकि अगले चार महीनों में प्राप्त आवेदनों में से 30 और पार्कों का चयन किया जाएगा।

गोयल ने कहा कि सरकार पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ 140 करोड़ भारतीयों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। लोगों को बेहतर जीवन स्तर, जीवनयापन में आसानी (ईज ऑफ लीविंग) और कारोबार करने में आसानी (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता रही है, जिससे देश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।

मंत्री ने कहा, "25 करोड़ से अधिक लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर आए हैं। कई पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया गया है। हमारे पास एक ऐसी सरकार है जो लोगों की बात सुनती है, सतर्क रहती है और समय पर आवश्यक कदम उठाती है।"

गोयल ने कहा कि इस विकास की गति को बनाए रखने के लिए भारत के निर्यात में पिछले वर्ष भी वृद्धि हुई, जबकि दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ और यूक्रेन तथा पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बावजूद भारत के निर्यात में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

उन्होंने यह भी बताया कि भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद भारत ने पिछले वर्ष रिकॉर्ड स्तर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित किया।

मंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल छह महीनों के भीतर पांच मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को अंतिम रूप दिया है। दुनिया भारत को एक भरोसेमंद साझेदार और निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में देख रही है।

उन्होंने कहा, "भारत केवल अपने विशाल उपभोक्ता बाजार के कारण ही नहीं, बल्कि युवा प्रतिभा और ऊर्जावान जनसंख्या के कारण भी निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। यह एक ऐतिहासिक अवसर है।"

गोयल ने कहा कि सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर वह देश के लोगों के लिए और अधिक काम करने, भविष्य की चुनौतियों के लिए भारत को तैयार करने और विकास की गति को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहरा रही है।

Source: IANS

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