भारतीय शेयर बाजार 11 महीनों के निचले स्तर पर, इन कारणों के चलते आई गिरावट

मुंबई, 9 मार्च। भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट के साथ खुला, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी 11 महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। 

दोपहर 1 बजे सेंसेक्स 1,750 अंक या 2.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,170 और निफ्टी 540 अंक या 2.21 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,910 पर था। 

बाजार में बड़ी गिरावट की वजह कच्चे तेल में तेजी के माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत में सोमवार को 26 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई है और यह 119 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो कि जुलाई 2022 के बाद कच्चे तेल का सबसे उच्चतम स्तर है। हालांकि, दोपहर तक कच्चे तेल की तेजी में थोड़ी कमी आई है, फिलहाल कच्चा तेल 14.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 106 डॉलर प्रति बैरल है। 

कच्चे तेल में कमी की वजह ईराक और कुवैत जैसे देशों की ओर से उत्पादन में कटौती करना है। इससे पहले कतर ने एलएनजी के उत्पादन में कमी का ऐलान किया था। 

वैश्विक बाजारों में कमजोरी के संकेत भी भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की बड़ी वजह है। एशिया में टोक्यो, शंघाई, सोल, बैंकॉक, हांगकांग और जकार्ता सभी बाजार हरे निशान में थे। अमेरिकी बाजार भी शुक्रवार को लाल निशान में बंद हुए थे।

भारतीय बाजार में कमजोरी की एक वजह डॉलर का मजबूत होना है। दुनिया की छह बड़ी मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की मजबूती दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स इस साल के अब तक के सबसे उच्चतम स्तर 99.7 पर पहुंच गया है। डॉलर के मजबूत होने से भारतीय रुपए में भी कमजोरी देखी जा रही है। 

जब भी डॉलर मजबूत होता है, तो उभरते हुए बाजार जैसे भारत के बाजारों से विदेशी निवेशकों की ओर से निकासी देखने को मिलती है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआआई) की ओर से लगातार बिकवाली भी भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की एक वजह है। विदेशी निवेशकों ने शुक्रवार को इक्विटी बाजार में 6,030.38 करोड़ रुपए की निकासी की थी। 

Source: IANS

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