पीएम श्री योजना के तहत 13,092 स्कूलों का चयन, 20 लाख से अधिक छात्रों को मिलेगा लाभ
7 सितंबर 2022 को शुरू की गई प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप 14,500 से अधिक मॉडल (उत्कृष्ट) स्कूलों का विकास करना है।

नई दिल्ली, 15 सितंबर । 7 सितंबर 2022 को शुरू की गई प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप 14,500 से अधिक मॉडल (उत्कृष्ट) स्कूलों का विकास करना है।
वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक 27,360 करोड़ रुपए के कुल वित्तीय आवंटन के साथ यह योजना छात्रों को 21वीं सदी के कौशल से लैस करने के साथ-साथ अवसंरचना, शिक्षण शास्त्र, समावेशिता और संवहनीयता को मजबूत करती है। जुलाई 2026 तक, लक्ष्य के लगभग 90 फीसदी हिस्से को पूरा करते हुए 36 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में 13,092 स्कूलों का चयन किया जा चुका है, जिनमें केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के अंतर्गत आने वाले स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों का चयन निर्धारित गुणवत्ता मानकों के आधार पर तीन चरणों वाली 'चैलेंज मोड' प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। आसपास के स्कूलों के लिए मार्गदर्शक संस्थानों के रूप में परिकल्पित, 'पीएम श्री' स्कूल केवल अवसंरचना के विकास के बजाय एक समग्र, न्यायसंगत और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है।
भारत में स्कूली शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव हो रहा है, जिसमें गुणवत्ता, समानता, समावेशिता और भविष्य के लिए तैयार शिक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है। 14.71 लाख स्कूलों में 24.69 करोड़ से ज़्यादा छात्र पढ़ रहे हैं। ऐसे में भारत की शिक्षा व्यवस्था का ध्यान अब सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने और एक ऐसा सक्षम वातावरण तैयार करने पर केंद्रित है, जो हर छात्र के सर्वांगीण विकास में मदद करे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 इस बदलाव के लिए एक व्यापक रूपरेखा तैयार करती है, जबकि 'पीएम श्री' पहल स्कूल स्तर पर इसके दृष्टिकोण को लागू करती है जिससे नीतिगत उद्देश्यों को संस्थागत व्यवहार में बदला जा सके।
इस योजना का मकसद मौजूदा स्कूलों को बेहतर बनाना और उन्हें ऐसे आदर्श संस्थानों के तौर पर विकसित करना है जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को असरदार ढंग से लागू करने का उदाहरण पेश करें। 27,360 करोड़ रुपए की कुल लागत वाली यह योजना 14,500 से ज्यादा मौजूदा स्कूलों को आदर्श संस्थानों के रूप में मजबूत करने पर केंद्रित है। इन स्कूलों में सीखने के लिए सुरक्षित, उत्साह बढ़ाने वाला और स्वागतपूर्ण माहौल देने की परिकल्पना की गई है, जिसमें अच्छी बुनियादी सुविधाएं, उपयुक्त शिक्षण संसाधन और विविध शिक्षण अनुभव शामिल होंगे।
जुलाई 2026 तक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 13,092 स्कूलों को 'पीएम श्री' स्कूलों के तौर पर चुना गया है। इनमें केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस), नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के तहत आने वाले स्कूल भी शामिल हैं। यह तय किए गए लक्ष्य का लगभग 90 फीसदी है। इस योजना से 20 लाख से ज्यादा छात्रों को सीधे फायदा होने की उम्मीद है।
पीएम श्री योजना को 2022–23 से 2026–27 तक यानी पांच साल के लिए लागू किया जा रहा है। इस योजना की कुल लागत 27,360 करोड़ रुपए है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 18,128 करोड़ रुपए है। परियोजना अनुमोदन बोर्ड (पीएबी) द्वारा मंजूर किए गए खर्च में केंद्र का हिस्सा 2023–24 में 2,520 करोड़ रुपए से बढ़कर 2026–27 में 5,224 करोड़ रुपए हो गया है। यह लगभग 107 फीसदी की बढ़ोतरी है, जो 'पीएम श्री' स्कूलों को मजबूत करने में निवेश के बढ़ते दायरे को दिखाता है।
‘पीएम श्री’ स्कूलों को ऐसे मॉडल स्कूलों के रूप में डिजाइन किया गया है जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक अवसंरचना, समावेशी तौर-तरीकों और संवहनीय विकास के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रमुख सिद्धांतों को दिखाते हैं।
‘पीएम श्री’ पहल ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 13,092 चुने हुए स्कूलों का एक बड़ा राष्ट्रीय नेटवर्क बनाया है। इसमें केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के तहत आने वाले संस्थान भी शामिल हैं। इस पहल ने 725 जिलों और 8,340 ब्लॉक/शहरी स्थानीय निकायों को कवर करते हुए एक व्यापक भौगोलिक पहुंच हासिल की है, जिससे देशभर में एक विस्तृत संस्थागत और क्षेत्रीय उपस्थिति बनी है।
चुने गए 13,092 स्कूलों में से 1,305 प्राइमरी स्कूल, 3,102 अपर प्राइमरी स्कूल, 3,141 माध्यमिक स्कूल और 5,544 उच्चतर माध्यमिक स्कूल हैं। इस नेटवर्क में 80 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी), 913 केवीएस स्कूल, 620 एनवीएस स्कूल और 4 एनसीईआरटी स्कूल भी शामिल हैं। इस नेटवर्क का दायरा और विविधता ‘पीएम श्री’ स्कूलों की बढ़ती पहुंच को दर्शाते हैं।
Source: IANS

