तेलंगाना: केसीआर फार्महाउस के पास सड़कों के ‘शुद्धिकरण’ मामले में 7 गिरफ्तार
तेलंगाना पुलिस ने सिद्धिपेट जिले के एर्रावल्ली में बीआरएस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के फार्महाउस के पास सड़कों के ‘शुद्धिकरण’ मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

हैदराबाद, 15 सितंबर । तेलंगाना पुलिस ने सिद्धिपेट जिले के एर्रावल्ली में बीआरएस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के फार्महाउस के पास सड़कों के ‘शुद्धिकरण’ मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम के आयोजन के पीछे क्या उद्देश्य था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
पूर्व सरपंच और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के छह नेताओं को सोमवार को पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित एक लॉज से पकड़ा गया।
आरोपियों को गजवेल लाकर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद उन्हें सिद्धिपेट जेल स्थानांतरित कर दिया गया।
आरोप है कि इन लोगों ने 9 सितंबर को हल्दी मिले पानी का उपयोग कर सड़कों का ‘शुद्धिकरण’ किया था।
यह ‘शुद्धिकरण’ उस घटना के एक दिन बाद किया गया, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और दलित संगठनों ने इलाके में ‘चावु-डप्पु’ (अंत्येष्टि के दौरान बजाए जाने वाले ढोल) के साथ विरोध प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन बीआरएस के दो विधान परिषद (एमएलसी) सदस्यों द्वारा तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार के खिलाफ अपमानजनक और अभद्र टिप्पणियों के विरोध में आयोजित किया गया था।
प्रदर्शन के बाद बीआरएस कार्यकर्ताओं ने उन सड़कों और स्थानों पर हल्दी मिला पानी छिड़का था, जहां से प्रदर्शनकारी गुजरे थे। ‘शुद्धिकरण’ की इस घटना ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। सत्तारूढ़ कांग्रेस ने इसे दलित समुदाय का अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
स्थानीय कांग्रेस नेताओं की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के तहत फोरेंसिक साक्ष्य भी एकत्र किए गए। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। इस बीच एक आरोपी ने मोबाइल फोन चालू कर लिया, जिससे उसकी लोकेशन मिल गई और विजयवाड़ा के एक लॉज से उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और दलित संगठनों का केसीआर के फार्महाउस के पास प्रदर्शन 7 सितंबर को विधानसभा गेट पर हुई घटना के बाद हुआ था।
बीआरएस विधायकों और पुलिस के बीच हुई धक्का-मुक्की के दौरान बीआरएस के दो एमएलसी ने विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इन दोनों एमएलसी के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें अगले दिन गिरफ्तार किया गया था। हालांकि अदालत ने उसी दिन उनकी रिहाई का आदेश दे दिया था।
Source: IANS

