वैश्विक तनावों के बीच भारतीय शेयर बाजार में रौनक, सेंसेक्स में 361 अंकों की बढ़त
पश्चिम एशिया में तनाव फिर से बढ़ने के कारण वैश्विक बाजार में मिले मिले-जुले संकेतों के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार मिश्रित रुख के साथ खुला।

मुंबई, 10 जून । पश्चिम एशिया में तनाव फिर से बढ़ने के कारण वैश्विक बाजार में मिले मिले-जुले संकेतों के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार मिश्रित रुख के साथ खुला।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,918.76 से 69.51 अंक चढ़कर 73,988.27 पर खुला, तो वहीं एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,242.10 से 8.15 अंक गिरकर 23,233.95 पर खुला। हालांकि बाद में दोनों प्रमुख बेंचमार्कों में बढ़त देखने को मिली।
खबर लिखे जाने तक (सुबह 9.37 बजे के करीब) सेंसेक्स 361.29 अंकों यानी 0.49 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,280.05 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 92.20 (0.40 प्रतिशत) अंकों की बढ़त के साथ 23,334.30 पर ट्रेड करता नजर आया।
व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.15 प्रतिशत तो निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि शुरुआती कारोबार में दोनों में मामूली बढ़त देखने को मिली थी।
सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी एफएमसीजी में 1.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और इसने अन्य सेक्टर्स से सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी आईटी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मेटल और निफ्टी मीडिया में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी 50 इंडेक्स में एचयूएल, नेस्ले इंडिया, टाटा कंज्यूमर, कोटक बैंक, ट्रेंट, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस और एशियन पेंट्स के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई, जबकि इसके विपरीत हिंडाल्को के शेयरों में सबसे ज्यादा 3.13 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। इसके साथ ही टीएमपीवी, कोल इंडिया, इटरनल, भारती एयरटेल, एनटीपीसी और एमएंडएम के शेयर भी गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए।
एक बाजार विशेषज्ञ के अनुसार, एशिया-प्रशांत बाजारों में कमजोरी, अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली और ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद बढ़े भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय बाजारों पर भी दिखाई दे सकता है।
विशेषज्ञ ने कहा कि जब तक निफ्टी 23,100-23,000 के महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार में रिकवरी की संभावना बनी रहेगी। ऊपर की ओर 23,500-23,600 का स्तर सबसे महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस माना जा रहा है। यदि निफ्टी इस दायरे के ऊपर मजबूती से टिकता है तो आने वाले दिनों में 23,800 से 24,000 तक की तेजी देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया वीआईएक्स भी 8.53 प्रतिशत गिरकर 15.57 पर आ गया है। यह संकेत देता है कि निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई है और बाजार में भरोसा बढ़ रहा है। हालांकि उनका कहना है कि तेजी का मजबूत माहौल बनने के लिए वीआईएक्स का 15 के नीचे टिकना जरूरी होगा।
Source: IANS

