मिडल ईस्ट संकट का असर: गिरावट के साथ खुला बाजार, ऑटो और वित्तीय शेयरों में बिकवाली का दबाव

मुंबई, 14 जुलाई । मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। इस कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स 344 अंक यानी 0.44 प्रतिशत लुढ़ककर 77,272 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी भी 143 अंक या 0.59 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,068 के स्तर पर देखा गया।

बाजार में सिर्फ लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी चौतरफा बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। इसी गिरावट के बीच निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 137 अंक या 0.23 प्रतिशत टूटकर 62,906 पर आ गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी 68 अंक या 0.35 प्रतिशत फिसलकर 19,355 अंक पर कारोबार कर रहा था।

शुरुआती कारोबार में बिकवाली का नेतृत्व ऑटो और फाइनेंशियल स्टॉक्स कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी ऑटो और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज करीब एक प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर थे। इसके साथ निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी मीडिया, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी पीएसई लाल निशान में थे। निफ्टी मेटल, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी फार्मा हरे निशान में थे।

सेंसेक्स पैक में टीसीएस, अदाणी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टाटा स्टील, सन फार्मा, एचयूएल, भारती एयरटेल, एनटीपीसी और आईटीसी गेनर्स थे। इंडिगो, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमएंडएम, एचसीएल टेक, एलएंडटी, कोटक महिंद्रा बैंक, एसबीआई, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, टाइटन, पावर ग्रिड और इटरनल लूजर्स थे।

ज्यादातर एशियाई बाजारों में कमजोरी देखी जा रही है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में थे। वहीं, जकार्ता हरे निशान में कारोबार कर रहा था। अमेरिकी बाजार सोमवार के सत्र में लाल निशान में बंद हुए, जिसमें मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.26 प्रतिशत की कमजोरी के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 1.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

भारत के साथ दुनिया के बाजारों में गिरावट की वजह अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता हुआ संघर्ष है। अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरे दिन ईरान पर हमले किए। वहीं, ईरान भी होर्मुज स्ट्रेट में मौजूद जहाजों को निशान बना रहा है।

ईरान ने दावा किया है कि उसने बहरीन में मौजूद अमेरिकी सेना की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है। इससे क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्व बनी हुई है।

इसके चलते कच्चे तेल का बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 85 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है।

Source: IANS

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