हमारी अस्मिता व सम्मान पर उठने वाली हर नजर का उत्तर पूरी शक्ति से देंगेः राजनाथ सिंह

नई दिल्ली, 14 जुलाई |कारगिल की विजय एक तिथि भर नहीं है, यह भारत का स्थायी संकल्प है कि हमारी भूमि, हमारी अस्मिता और हमारे सम्मान पर उठने वाली हर नजर का उत्तर भारत पूरी शक्ति से देगा। मंगलवार को यह बात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कही। दरअसल कारगिल युद्ध के वीरों की स्मृति में मंगलवार को नई दिल्ली में शौर्य अभियान की शुरुआत की गई। कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए राजनाथ सिंह ने इसके तहत राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से एक विशेष मोटरसाइकिल अभियान को रवाना किया।

यह अभियान कारगिल के रणबांकुरों के अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान की गाथा को देशभर तक पहुंचाने का संदेश लेकर निकला है। रक्षा मंत्री ने बताया कि कारगिल में लगभग 20 हजार फीट की ऊँचाई, जहां साँस लेना भी कठिन हो जाता है, जहां ऑक्सीजन कम होती है, तापमान माइनस 40 डिग्री तक पहुँच जाता है, ऐसे दुर्गम और प्रतिकूल वातावरण में हमारे वीर सैनिकों ने असंभव को संभव कर दिखाया।

राजनाथ सिंह ने कहा कि जहाँ प्रकृति ने रास्ते बंद कर दिए थे, वहाँ हमारे सैनिकों ने अपने साहस से, इतिहास का नया रास्ता बना दिया। उन्होंने कहा, “आज से सत्ताईस वर्ष पहले, 1999 में, भारतीय सेनाओं ने ‘ऑपरेशन विजय’ के माध्यम से इतिहास रच दिया था। वह केवल एक सैन्य विजय नहीं थी, बल्कि साहस, धैर्य, अनुशासन और अदम्य राष्ट्रभक्ति का ऐसा अध्याय था, जिसे विश्व की सेनाएँ आज भी अध्ययन और सम्मान की दृष्टि से देखती हैं।”

उन्होंने बताया कि शौर्य विजय यात्रा' के हमारे ये बाइक सवार अगले 13 दिनों में लगभग 1,900 किलोमीटर की यात्रा करेंगे। नेशनल वॉर मेमोरियल दिल्ली से प्रारंभ होकर यह अभियान सेना के चंडीमंदिर बेस से पंजाब, हिमाचल और लद्दाख के दुर्गम मार्गों से होते हुए गुजरेगा। बाइक सवार 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के पावन अवसर पर, कारगिल के पवित्र वॉर मेमोरियल पर पहुँचेंगे। रक्षा मंत्री का कहना है कि यह केवल दूरी तय करने की यात्रा नहीं होगी, यह इतिहास, त्याग और राष्ट्रभक्ति से संवाद करने की यात्रा होगी।

रक्षा मंत्री ने कहा, आज का यह अवसर मोटरसाइकिल यात्रा के अभियान को हरी झंडी दिखाने भर का नहीं, बल्कि उस अदम्य भावना को नमन करने का है, जिसके चलते हमारे वीरों ने भारत की आन, बान और शान के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। मैं उस संकल्प को नमन करने आया हूँ, जो हमारे अमर बलिदानियों की स्मृति को, पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवित रखने का प्रण लेकर आगे बढ़ रहा है।”

उन्होंने कहा कि आपकी इस यात्रा का नाम ही, अपने आप में एक प्रेरणा है, 'शौर्य विजय यात्रा'। और इसका मोटो, "वन राइड, वन नेशन, वन सेल्यूट", इस अभियान की आत्मा को अत्यंत सार्थक रूप से व्यक्त करता है। एक यात्रा, एक राष्ट्र और एक सलाम, इससे अधिक सुंदर और सशक्त संदेश शायद कोई हो ही नहीं सकता।

राजनाथ सिंह ने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है, कि आपकी यह यात्रा, देशवासियों, खासकर युवाओं में राष्ट्रभक्ति की नई चेतना जगाएगी, समाज की स्मृति में कारगिल के अमर बलिदानियों को सदैव जीवंत रखेगी और आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देगी कि राष्ट्र की स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि हमारी स्मृतियों और हमारे संस्कारों में भी होती है।

Source: IANS

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