वक्फ संपत्तियों और कब्रिस्तानों पर अतिक्रमण की हो उच्च-स्तरीय जांच, शिया धर्मगुरु यासूब अब्बास की मांग

लखनऊ, 14 जुलाई । ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी द्वारा सुन्नी और शिया वक्फ बोर्डों में कथित गड़बड़ियों को लेकर उठाए गए सवालों के बाद, अब शिया धर्मगुरुओं ने भी वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार और इसकी जांच कराए जाने की मांग का समर्थन कर दिया है।

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव यासूब अब्बास ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग और उन्हें होने वाले नुकसान से जुड़ी शिकायतें काफी लंबे समय से मिल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समस्या किसी एक सरकार के कार्यकाल तक ही सीमित नहीं रही है, बल्कि विभिन्न सरकारों के शासनकाल में भी वक्फ संपत्तियों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

यासूब अब्बास ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर वक्फ की जमीनों पर अवैध कब्जे हुए, संपत्तियां बेची गईं और धार्मिक महत्व वाली वस्तुओं को नुकसान पहुंचाया गया। कुछ कब्रिस्तानों तक पर कब्जे की शिकायतें सामने आई हैं और कई स्थानों पर पुराने कब्रिस्तान पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं। उन्होंने वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन की जरूरत पर जोर दिया।

वहीं, ज्ञानवापी मामले में सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता पहल के बाद होने वाली बातचीत को लेकर यासूब अब्बास ने सकारात्मक उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों का साथ बैठकर मुद्दे का समाधान तलाशना बेहतर कदम है। उन्होंने कहा कि धार्मिक विवादों को टकराव के बजाय बातचीत और आपसी समझ के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए।

यासूब अब्बास ने कहा कि समाज को ऐसे विवादों में नहीं उलझना चाहिए जिससे आने वाली पीढ़ियों पर असर पड़े। उन्होंने धार्मिक नारों और आपसी तनाव के बजाय शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता बताई।

दूसरी ओर, शिया धर्मगुरु सैयद सैफ अब्बास ने ज्ञानवापी मामले में कहा कि सबसे पहले पूजा स्थल अधिनियम, 1991 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई पर ध्यान दिया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत की प्रक्रिया को जिम्मेदार लोग उचित तरीके से आगे बढ़ाएंगे।

वक्फ बोर्ड में कथित गड़बड़ियों को लेकर सैयद सैफ अब्बास ने कहा कि वक्फ बोर्ड की जांच की मांग नई नहीं है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जों और उनके प्रबंधन को लेकर शिकायतें उठती रही हैं। उन्होंने सरकार से वक्फ बोर्ड के कामकाज की जांच कराने की मांग दोहराई।

उन्होंने कहा कि कई वक्फ संपत्तियां अवैध कब्जे की समस्या से जूझ रही हैं और कुछ जमीनों पर सरकारी कब्जे की भी शिकायतें हैं। शिया धर्मगुरुओं ने वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और सही उपयोग सुनिश्चित करने की जरूरत पर बल दिया।

Source: IANS

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